एदलहातू से डोरंडा तक निगम की जमीन की घेराबंदी, बनेंगे वेंडिंग जोन-लाइब्रेरी

रांची नगर निगम अतिक्रमण से मुक्त कराई गई अपनी जमीनों की घेराबंदी कर रहा है. इन जगहों का उपयोग जनहित की योजनाओं जैसे वेंडिंग जोन, लेबर चौक और आश्रय गृह के लिए किया जाएगा. निगम की यह पहल जमीनों को सुरक्षित रखने और समुदाय को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है.

रांची. वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में रही रांची नगर निगम की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के बाद अब निगम उनकी घेराबंदी करा रहा है. निगम की ओर से अतिक्रमण मुक्त करायी गयी जमीनों का सीमांकन कराया जा रहा है. इसके बाद बाउंड्री वॉल का निर्माण कर जमीन को सुरक्षित किया जा रहा है.

एदलहातू से करमटोली तक जमीन करायी गयी कब्जामुक्त

नगर निगम ने पिछले एक वर्ष में अभियान चलाकर एदलहातू, कुसुम विहार, करमटोली तालाब, ग्वाला टोली डोरंडा और थड़पखना स्थित उर्दू स्कूल समेत कई जगहों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है. इन स्थानों पर सीमांकन के बाद अब घेराबंदी करायी जा रही है.

इसके अलावा बड़ा घाघरा, मणिटोला, पिंजरा पोल गौशाला, डोरंडा बाजार और बूटी मोड़ के समीप निगम की जमीन की भी घेराबंदी की जा रही है.

जनहित की योजनाओं के लिए होगा जमीन का इस्तेमाल

निगम की योजना इन जमीनों को केवल अतिक्रमण से बचाने तक सीमित नहीं है. आवश्यकता के अनुसार इनका इस्तेमाल जनहित की योजनाओं के लिए किया जायेगा. इनमें कुछ स्थानों पर वेंडिंग जोन, लेबर चौक, लाइब्रेरी और आश्रय गृह विकसित किये जाने की योजना है. इसके अलावा स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं भी विकसित की जा सकती हैं.

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By Uttam Kumar Mahato

उत्तम कुमार महतो पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और लंबे समय से प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के सफर में उन्होंने शिक्षा, जिला प्रशासन, नगर निगम और पंचायती राज व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार रिपोर्टिंग की है. जमीनी मुद्दों और आम लोगों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता की खास पहचान रही है. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहर और गांव, दोनों स्तरों पर जनसमस्याओं को करीब से समझते हुए उन्हें समाचारों के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया है. प्रशासनिक व्यवस्था की खामियों, विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और आम लोगों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी रिपोर्टिंग लगातार केंद्रित रही है. जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता देने और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से व्यवस्था से जवाब मांगने की उनकी कोशिश जारी है.

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