लोहरदगा़ जिले में शनिवार को इस्लाम धर्मावलंबियों का पवित्र त्योहार ईद-उल-फितर पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया. शहर के मुख्य ईदगाह, जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में निर्धारित समय पर नमाज अदा की गयी, इसमें हजारों की संख्या में नमाजियों ने शिरकत की. तीन चरणों में संपन्न हुई नमाज : ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही चहल-पहल देखी गयी. अंजुमन इस्लामिया के खतिब-ओ-इमाम हाफिज शमीम रिजवी की इमामत में मुख्य ईदगाह में सुबह 8:30 बजे पहली जमात की नमाज अदा की गयी. नमाजियों की भारी भीड़ के कारण ईदगाह परिसर छोटा पड़ गया, जिससे कई लोगों ने बाहर सड़क पर ही सफें बिछाकर इबादत की. दूसरी जमात की नमाज 8:45 बजे विभिन्न मस्जिदों में हुई, जबकि तीसरी और अंतिम जमात की नमाज सुबह 9:15 बजे जामा मस्जिद और बेलाल मस्जिद में संपन्न हुई. नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गयी. प्रशासन रहा अलर्ट, एसपी ने दी बधाई : त्योहार को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे. पुलिस कप्तान सादिक अनवर रिजवी ने स्वयं ईदगाह पहुंचकर सुरक्षा का जायजा लिया और अंजुमन के पदाधिकारियों को ईद की बधाई दी. सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर दल-बल के साथ संवेदनशील चौक-चौराहों पर मुस्तैद रहे. डिजिटल और व्यक्तिगत बधाई का दौर : नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी. सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर भी शुभकामनाओं का सिलसिला दिन भर चलता रहा. शाम तक लोग एक-दूसरे के घर जाकर मीठी सेवइयों और लजीज पकवानों का आनंद लेते रहे. बच्चों में ईदी और नये कपड़ों को लेकर विशेष उत्साह नजर आया.
लोहरदगा में ईद की रौनक, गले मिलकर मिट गयीं सारी दूरियां
लोहरदगा में ईद की रौनक, गले मिलकर मिट गयीं सारी दूरियां
