लोहरदगा़ जिले में प्रकृति और संस्कृति का महापर्व सरहुल शनिवार को पारंपरिक अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया. एमजी रोड स्थित ऐतिहासिक झखरा कुंबा में आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार पाहन भूषण मुंडा, पुजार विष्णु उरांव और महतो डहरु उरांव ने सखुआ कुंज की पूजा-अर्चना की. इस मौके पर धरती माता से अच्छी बारिश और सुखद फसल की कामना की गयी. शहर के मुख्य मार्गों से निकली भव्य शोभायात्रा : पूजा संपन्न होने के बाद झखरा कुंबा से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गयी. यह यात्रा मेनका सिनेमा, बड़ा तालाब, शास्त्री चौक, गुदरी बाजार, राणा चौक, मिशन चौक, बरवाटोली और पावरगंज होते हुए मैना बगीचा पहुंची, जहां ””””सूप बैठाने”””” की पारंपरिक रस्म पूरी की गयी. शोभायात्रा के दौरान स्थानीय लोकगीतों और वाद्य यंत्रों की गूंज ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. प्रकृति की रक्षा का संकल्प : डॉ रामेश्वर उरांव : मौके पर मुख्य अतिथि विधायक डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि सरहुल हमें प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है. प्रकृति से ही जीवन संभव है और इसकी पूजा के माध्यम से हम अपने पूर्वजों का स्मरण करते हैं. उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी भेदभाव भुलाकर एकजुट होने और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने की सीख देता है. पारंपरिक परिधानों में सजे श्रद्धालु : जिले भर में सरहुल की जबरदस्त धूम रही. शोभायात्रा में हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने पारंपरिक श्वेत-लाल परिधानों में शामिल हुए. आदिवासी समाज के अगुवा और युवा मांदर की थाप पर जमकर थिरके, जिससे उत्सव का आनंद दोगुना हो गया. सेवा शिविरों में हुआ भव्य स्वागत : शोभायात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों द्वारा जगह-जगह स्टॉल लगाये गये थे. श्रद्धालुओं के बीच सत्तू का शरबत, गुड़-चना और शीतल पेयजल का वितरण किया गया. नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर सेवा भाव का अनूठा संगम देखने को मिला. सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम : शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक बंदोबस्त किये थे. एसपी सादिक अनवर रिजवी समेत वरीय अधिकारियों ने शहर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और असामाजिक तत्वों व अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी गयी.
सखुआ के फूलों से महका लोहरदगा, सरहुल की शोभायात्रा में बही भक्ति की बयार
सखुआ के फूलों से महका लोहरदगा, सरहुल की शोभायात्रा में बही भक्ति की बयार
