15 दिन दस हादसे, सात की मौत

.नेशनल हाईवे 39 (कुड़ू–रांची), 143A (कुड़ू–लोहरदगा) और 39 (कुड़ू–मेदिनीनगर) पर सफर अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है.

कुड़ू .नेशनल हाईवे 39 (कुड़ू–रांची), 143A (कुड़ू–लोहरदगा) और 39 (कुड़ू–मेदिनीनगर) पर सफर अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है. बीते 15 दिनों में सड़क हादसों की 10 घटनाओं में सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक घायल हैं. लगभग डेढ़ दर्जन घायल अभी भी रांची रिम्स व निजी अस्पतालों में इलाजरत हैं. बढ़ती रफ्तार, घटती सुरक्षा इन सड़क हादसों के पीछे सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी बताया जा रहा है. हालांकि केंद्र और राज्य सरकार ने जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा समितियों का गठन किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर कोई ठोस जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया है। पिछले 15 दिनों की बड़ी घटनाएं: 25 मई – NH-39 (कुड़ू–मेदिनीनगर) पर पार्सल वाहन और कार की भिड़ंत, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत, आठ घायल, दो की हालत गंभीर. 3 जून – NH-143A (कुड़ू–लोहरदगा) पर कड़ाक गांव के पास बाइक दुर्घटना में आशिष उरांव की मौत, दो युवक घायल। 4 जून – चेटर मोड़–जिंगी पथ पर मकांदू मोड़ के पास, दो बाइकों की टक्कर में बसंत साहू की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल. 5 जून – कुड़ू–चंदवा पथ पर यात्री वाहन और टैंकर की भिड़ंत, 6 घायल, चालक को रांची रिम्स रेफर किया गया. 6 जून – सुबह की बाइक दुर्घटना में अजय महली की मौत, एक घायल अलग एक टेंपो हादसे में चार लोग घायल.

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Published by: Anuj singh

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