लोहरदगा में कड़ाके की ठंड : लुढ़कता पारा और शीतलहर ने बढ़ाई कनकनी, अलाव बना सहारा

लोहरदगा में कड़ाके की ठंड : लुढ़कता पारा और शीतलहर ने बढ़ाई कनकनी, अलाव बना सहारा

लोहरदगा़ जिले में मौसम के मिजाज में आये बदलाव के साथ ही ठंड का प्रकोप तेज हो गया है. बीते कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है. सुबह और शाम के समय चलने वाली बर्फीली हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं. ठंडी हवाओं से बचने के लिए शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के समीप लोग अलाव तापते नजर आ रहे हैं. वहीं, सुबह दुकान खोलते ही दुकानदार भी कागज और लकड़ियां जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. बुजुर्गों और बच्चों की बढ़ी परेशानी : बढ़ती ठंड का सबसे अधिक असर बुजुर्गों और बच्चों पर देखा जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है. चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और खान-पान में ठंडी चीजों से परहेज करें. इधर, स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करने और जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण की मांग की है. बिजली के उपकरणों की बढ़ी मांग : कड़ाके की ठंड के बीच बाजार में रूम हीटर, ब्लोअर और गीजर जैसे बिजली उपकरणों की मांग अचानक बढ़ गयी है. लोग इनकी जमकर खरीदारी कर रहे हैं. वहीं, गुनगुनी धूप सेंकना अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है. किसानों पर मार : लगातार गिर रहे पाले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. इससे खेतों में लगी हरी सब्जियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है. किसानों का कहना है कि हाल के वर्षों में इतनी भीषण ठंड पहले कभी नहीं पड़ी थी. पाला गिरने से सब्जियां खराब हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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