किस्को़ कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सभागार में गुरुवार को 19वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के चीफ साइंटिस्ट डॉ पीबी साहा ने की. वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ किरण सिंह ने गत वर्ष के कार्यों, वर्ष 2025-26 के प्रतिवेदन और 2026-27 की प्रस्तावित कार्य योजना की जानकारी दी. बैठक में किसानों के लिए जिलेभर में 140 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य तय हुआ. इसके तहत आधुनिक खेती, फसल सुरक्षा, कम लागत में अधिक उत्पादन, व्यावसायिक सब्जी उत्पादन और जल संरक्षण की तकनीकें बतायीं जायेंगी. वैज्ञानिकों ने बदलते मौसम में पानी की बचत और खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग तकनीक तथा मल्टी टियर क्रॉपिंग सिस्टम अपनाने पर जोर दिया. साथ ही किसानों को एफपीओ से जोड़कर उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने की बात कही गयी. विभिन्न विभागों ने तकनीकी सहयोग पर दिया बल : नाबार्ड की डीडीएम शोभा केरकेट्टा ने फार्म इनोवेशन फंड से सहयोग देने की बात कही, जबकि जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो ने फसल सुरक्षा में केवीके से तकनीकी मदद मांगी. प्रदान संस्था के विजय कुमार ने किसानों की आय वृद्धि के लिए जागरूकता पर बल दिया. मौके पर पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ हेमंत कुमार पांडेय, डॉ देवकांत, डॉ ब्रह्मदेव, डॉ धर्मा उरांव, अतहर अंसारी, रंथी कुमारी, मुकेश कुमार, कौशिक चैटर्जी सहित कई प्रगतिशील किसान मौजूद थे.
केवीके में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक, किसानों की आय बढ़ाने पर मंथन
केवीके में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक, किसानों की आय बढ़ाने पर मंथन
