सेन्हा़ प्रखंड मुख्यालय स्थित सती मंदिर के समीप वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा ग्रामीण महिलाओं के लिए एक दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आजीविका में वृद्धि करना है. प्रशिक्षकों ने बताया कि मशरूम (खुखड़ी) न केवल एक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ है, बल्कि यह प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है. इसमें लगभग 30% प्रोटीन होता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है. प्राकृतिक खुखड़ी केवल बरसात में मिलती है, जबकि मशरूम का उत्पादन वैज्ञानिक तरीके से साल भर किया जा सकता है. प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि मशरूम को नमी वाले अंधेरे स्थान पर बीज के माध्यम से उगाया जाता है. यह फसल एक महीने के भीतर तैयार हो जाती है. बाजार में इसकी अच्छी मांग और ऊंची कीमत होने के कारण यह व्यवसाय कम लागत में बेहतर आमदनी का जरिया बन सकता है. मौके पर पूनम देवी, ललिता देवी, सुनीता देवी और रीता देवी समेत काफी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं. कुड़ू थाना मोड़ से पड़हा भवन तक सड़क मरम्मत का कार्य शुरू लोहरदगा़ सरहुल, ईद और रामनवमी के अवसर पर जिला शांति समिति की बैठक में समीक्षा के दौरान बात उठी कि एएनएचआइ 75 कुड़ू के थाना मोड़ से लेकर पड़हा भवन तक सड़क की स्थिति काफी जर्जर है. जिससे आमजन के आवागमन में काफी दिक्कत आती है और इस सड़क पर दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है. उपायुक्त ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया और मौके पर ही अविलंब सड़क की स्थिति को दुरुस्त करने का निर्देश दिया. आदेश के तुरंत उपरांत सड़क मरम्मत का कार्य किया जा रहा है.
ग्रामीण महिलाओं को मिला मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण
ग्रामीण महिलाओं को मिला मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण
