सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलगी में धूमधाम से मना रक्षाबंधन, भाई-बहनों ने लिया रक्षा का संकल्प

लोहरदगा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलगी में रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया. छात्रों ने राखी के महत्व और भाई-बहन के अटूट प्रेम को जाना.

कुड़ू से अमित कुमार राज की रिपोर्ट

लोहरदगा जिले के कुड़ू प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति, रांची द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलगी में भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन को आसपास के ग्रामीणों के साथ धूमधाम से मनाया गया. बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का वचन लिया. वहीं भाइयों ने भी बहनों की सुरक्षा और देखभाल का संकल्प लिया.

प्रधानाचार्य ने बच्चों को बताया रक्षाबंधन का महत्व

मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोहर साहू ने भैया-बहनों को रक्षाबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि महाभारत काल से ही रक्षाबंधन मनाये जाने की मान्यता है. महाभारत के समय एक बार भगवान कृष्ण की अंगुली में चोट लगने से खून बहने लगा था. यह देखकर द्रौपदी ने अपने आंचल का पल्लू फाड़कर उनकी कटी अंगुली में बांध दिया. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी घटना से रक्षा सूत्र या राखी बांधने की परंपरा शुरू हुई.

ये भी पढ़ें: प्रशासन की बेरुखी से परेशान ग्रामीणों ने उठाया फावड़ा, पालकोट में एक किमी सड़क की श्रमदान से मरम्मत

राखी स्नेह, विश्वास और रिश्तों की मजबूती का प्रतीक

प्रधानाचार्य ने कहा कि राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और साझा किये गये वादों का प्रतीक है. रक्षाबंधन के दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुरक्षा और खुशी की कामना करती हैं. भाइयों को भी अपनी बहनों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.

भेदभाव भूलकर एक-दूसरे का सहयोग करने का संदेश

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार हमें रिश्तों की महत्ता, प्यार, सम्मान और देखभाल का महत्व समझाता है. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भी सभी भैया-बहन की तरह रहते हैं और भेदभाव को भुलाकर एक-दूसरे का सहयोग करते हैं. कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल हुए.

ये भी पढ़ें: लोहरदगा में सड़क पर बने ठोकर से अनियंत्रित हुई बाइक, गिरकर महिला की मौत


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विकाश नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >