एक खेत में दो फसल, बढ़ेगी किसानों की कमाई! पेशरार में अरहर-भिंडी की अंतरवर्तीय खेती का प्रयोग

लोहरदगा के किस्को में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) की मदद से किसान नई तकनीकों को अपना रहे हैं. असरीता कुमारी और बंधनी भगत जैसी प्रगतिशील महिलाएं अब एक ही खेत में अरहर और भिंडी जैसी दो फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं.

किस्को, लोहरदगा : कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), लोहरदगा के सौजन्य से पेशरार प्रखंड में प्रगतिशील किसानों द्वारा खेती की नयी तकनीक अपनायी जा रही है. इसी क्रम में हेसाग पंचायत की प्रगतिशील किसान असरीता कुमारी और बंधनी भगत ने आत्मा योजना के तहत अरहर एवं भिंडी की अंतरवर्तीय फसल का प्रदर्शन प्लॉट लगाया है.

एक खेत में दो फसल का मिलेगा लाभ

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अंतरवर्तीय खेती से किसानों को एक ही खेत से दो फसलों का लाभ मिलेगा. इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी. अरहर दलहनी फसल होने के कारण मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाने में भी सहायक होती है, जिससे अगली फसल को लाभ मिलता है.

वैज्ञानिक खेती की दी जानकारी

मौके पर आत्मा के कर्मियों ने किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती, उन्नत बीज, जैविक खाद के उपयोग और कीट प्रबंधन के बारे में जानकारी दी. किसानों को प्रदर्शन प्लॉट के माध्यम से नयी कृषि तकनीक अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया.


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By शुभम राय

शुभम राय झारखंड के सामाजिक, राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं. ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ झारखंड की राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय समस्याओं पर खबरें लिखने में रुचि रखते हैं. तथ्यों की पड़ताल और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को सरल और प्रभावी तरीके से सामने रखना उनकी पत्रकारिता की प्राथमिकता है.

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