किस्को, लोहरदगा : कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), लोहरदगा के सौजन्य से पेशरार प्रखंड में प्रगतिशील किसानों द्वारा खेती की नयी तकनीक अपनायी जा रही है. इसी क्रम में हेसाग पंचायत की प्रगतिशील किसान असरीता कुमारी और बंधनी भगत ने आत्मा योजना के तहत अरहर एवं भिंडी की अंतरवर्तीय फसल का प्रदर्शन प्लॉट लगाया है.
एक खेत में दो फसल का मिलेगा लाभ
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अंतरवर्तीय खेती से किसानों को एक ही खेत से दो फसलों का लाभ मिलेगा. इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी. अरहर दलहनी फसल होने के कारण मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाने में भी सहायक होती है, जिससे अगली फसल को लाभ मिलता है.
वैज्ञानिक खेती की दी जानकारी
मौके पर आत्मा के कर्मियों ने किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती, उन्नत बीज, जैविक खाद के उपयोग और कीट प्रबंधन के बारे में जानकारी दी. किसानों को प्रदर्शन प्लॉट के माध्यम से नयी कृषि तकनीक अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया.
