लोहरदगा में जैविक खेती की नई पहल: डीसी ने की छोटी इलायची की रोपाई

जिले में पारंपरिक खेती से हटकर एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया है.

फोटो. छोटी इलायची का पौधा लगाते डीसी डा.कुमार ताराचंद गोपी कुंवर,लोहरदगा जिले में पारंपरिक खेती से हटकर एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया है. जिला प्रशासन और सामाजिक संस्था ‘प्रदान’ के संयुक्त प्रयास से कुडू प्रखंड के सलगी पंचायत स्थित रोचो बरवाटोली गांव में जैविक खेती की शुरुआत की गयी है. इस पहल के तहत छोटी इलायची, वैनिला और काली मिर्च की खेती की जा रही है. इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद ने खुद छोटी इलायची का पौधा लगाकर इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यह झारखंड में इंटीग्रेटेड फार्मिंग के तहत इन फसलों की पहली खेती है, जो जिले के लिए गर्व की बात है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे पूरे जिले में लागू किया जायेगा और लोहरदगा को इन फसलों के निर्यातक जिलों में शामिल किया जा सकेगा. दो एकड़ में छोटी इलाइची, डेढ़ में काली मिर्च व एक में वैनिला की खेती इस परियोजना के तहत दो एकड़ में छोटी इलायची, डेढ़ एकड़ में काली मिर्च और एक एकड़ में वैनिला की खेती की जा रही है. किसान उत्पादक समूहों को तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है ताकि वे इन उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती सफलतापूर्वक कर सकें. उपायुक्त ने यह भी कहा कि ये तीनों फसलें किसानों को दोगुनी और तिगुनी आय देने में सक्षम हैं. यदि किसान अपने उत्पादों को ग्लोबल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचें, तो उन्हें खरीदारों की कोई कमी नहीं होगी. आर्थिक रूप से सशक्त किसान ही किसी जिले को विकसित और खुशहाल बना सकते हैं. इस नई पहल को लेकर किसानों में उत्साह है. उनका मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो उन्हें रोजगार की तलाश में पलायन नहीं करना पड़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा.

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Published by: Vikash nath

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