किस्को. एक अप्रैल 2026 से मनरेगा में एनएमएमएस एप के द्वारा हाजिरी बनाना सरकार के द्वारा लागू कर दिया गया है.जिस कारण कार्यरत मेट एवं मजदूरों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मनरेगा मेट का कहना है कि किसी पंचायत में अगर 10 योजनाएं चल रही हैं,तो उन्हें 10 योजनाओं में जाकर मास्टर रोल में नामित सभी मजदूरों का पहले ई केवाईसी करना पड़ रहा है.उसके बाद उसको अपलोड करना पड़ता है अगर किसी पंचायत में 10 योजनाओं में काम चल रहा है,तो सभी 10 योजनाओं में एक बार सुबह जाकर इकेवाईसी करना एवं हाजिरी अपलोड करना पड़ता है.वही उसके चार घंटे के बाद उसी 10 योजनाओं में जाकर फिर से फोटो लेकर हाजिरी अपलोड करना पड़ता है.बहुत सारे मेट पहले स्मार्टफोन नहीं रखते थे,परंतु उन्हें अब स्मार्टफोन फोन खरीदना मजबूरी हो गया है ,अधिकांस मेट पढ़े लिखे नही है एवं 50 वर्ष से अधिक के है,उन्हें स्मार्टफोन खरीद कर मनरेगा में हाजिरी बनाना दिन में सितारे गिनने जैसा साबित हो रहा है.ऊपर से मेट का कोई नियमित भुगतान नहीं है,ना ही कोई मानदेय है,उनका भुगतान सामग्री मद से होता है जहाँ पहले से वेंडरों का बकाया प्रखंड किस्को प्रखंड में 2 करोड़ से ज्यादा है.मेट का कहना है कि साल में एक दो बार ही उनका आधा अधूरा भुगतान मिलता है.ऐसे में कार्य करना बहुत कठिन साबित हो रहा है.अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में कोई मेट मनरेगा में कार्य करने के लिए इच्छुक नहीं रहेगा.जानकारी के अनुसार जहां पहले पूरे प्रखंड में 1000 से ज्यादा मजदूर हर दिन काम में लगाए जाते थे,वहीं आज मात्र 500 से 600 मजदूर कार्य में लग रहे हैं,उसमें से 80 प्रतिशत से अधिक डिमांड पीएम आवास और बागवानी की योजनाओं में मास्टर रोल निकाल कर किया जा रहा है. क्योंकि इन दो योजनाओं मे एनएमएमएस एप को लागू नहीं किया गया हैं.
मनरेगा की नयी हाजिरी व्यवस्था से मेट और मजदूर परेशान
मनरेगा की नयी हाजिरी व्यवस्था से मेट और मजदूर परेशान
