लोहरदगा़ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने हिंदू नववर्ष संवत्सर 2083 तथा नवरात्र के आगमन पर नौ दिवसीय रामोत्सव का शुभारंभ किया. स्थानीय वीर शिवाजी चौक स्थित सिद्धिदात्री दुर्गा मंदिर में भगवा ध्वज पूजन, भारत माता की आरती और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ. मंदिर के पुजारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया. मर्यादा और धर्म की स्थापना : मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि प्रभु श्रीराम और माता दुर्गा का अवतरण राक्षसी प्रवृत्तियों के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था. उन्होंने कहा कि श्रीराम ने पिता के वचन के लिए वनवास स्वीकार कर और शबरी के जूठे बेर खाकर समाज को ऊंच-नीच के भेदभाव से दूर रहने का संदेश दिया. मर्यादा पुरुषोत्तम का जीवन हमें सबको समान सम्मान देने की सीख देता है. माता दुर्गा का पापियों के प्रति क्रोध उन्हें ””””चंडी”””” का स्वरूप देता है, जो अधर्म के विनाश का प्रतीक है. गणमान्य रहे मौजूद : इस मौके पर भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष अजातशत्रु, विहिप अध्यक्ष रीतेश कुमार, केंद्रीय महावीर मंडल अध्यक्ष विपुल तामेड़ा, भाजयुमो जिला अध्यक्ष बाल्मीकि कुमार, बजरंग दल जिला संयोजक पवन कुमार प्रजापति, नगर संयोजक राजकुमार साहू, निशांत वर्मा, नीरज साहू आदि मौजूद थे. सभी ने सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया.
भगवान राम व मां दुर्गा का अवतरण धरती से पापियों के सर्वनाश के लिए हुआ था: अनिल उरांव
भगवान राम व मां दुर्गा का अवतरण धरती से पापियों के सर्वनाश के लिए हुआ था: अनिल उरांव
