लोहरदगा़ श्री हरि वनवासी विकास समिति द्वारा संचालित रामकली देवी सरस्वती शिशु मंदिर में विक्रम संवत एवं नववर्ष प्रतिपदा का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष वीरेंद्र मित्तल ने दीप प्रज्वलित कर तथा प्रधानाध्यापिका सुधा देवी ने मां सरस्वती, ओमकार और भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया. इस मौके पर विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा भव्य प्रभात फेरी निकाली गयी. नगर भ्रमण और गूंजे विजय के नारे : यह प्रभात फेरी विद्यालय परिसर से शुरू होकर पावरगंज चौक, साइडिंग और बाबा मठ होते हुए वापस विद्यालय पहुंची. बैंड-बाजे के साथ निकली इस फेरी में बच्चे विक्रम संवत अमर रहे, भारत माता की जय और विक्रम संवत मंगलमय हो के गगनभेदी नारे लगा रहे थे. नगर भ्रमण के पश्चात विद्यालय लौटने पर बच्चों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा : अध्यक्ष वीरेंद्र मित्तल ने कहा कि बच्चों को सम्राट विक्रमादित्य की तरह धैर्यवान बनना चाहिए और हमेशा अच्छे विचार रखने चाहिए. आचार्य सुधांशु कुमार ने बताया कि आज के ही दिन 57 ईसा पूर्व विक्रमादित्य ने शकों को पराजित किया था. यह दिन भारतीय संस्कृति और सभ्यता को जागृत करने का अवसर है. प्रधानाध्यापिका सुधा देवी ने कहा कि आज चैत्र का पहला दिन, हिंदुओं का नववर्ष और मां दुर्गा का पहला नवरात्र है. उन्होंने सभी को नववर्ष की मंगलकामना दीं. वक्ताओं ने जोर दिया कि संस्कार केवल शिशु मंदिर में ही मिलते हैं. इस आयोजन ने विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना का संचार किया.
प्रभात फेरी निकाल भैया-बहनों ने दिया भारतीय संस्कृति और नववर्ष का संदेश
प्रभात फेरी निकाल भैया-बहनों ने दिया भारतीय संस्कृति और नववर्ष का संदेश
