लोहरदगा़ जिले में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. गुरुवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों के कारण लोग घरों में दुबकने को विवश हैं. स्थिति यह है कि दोपहर होते ही सड़कों पर वीरानी छा जा रही है. गर्मी ने लोगों की दिनचर्या बदली : तेज गर्मी ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है. लोग सुबह नौ बजे तक जरूरी काम निपटाकर 11 बजे तक हर हाल में घर लौटने की जद्दोजहद में दिखते हैं. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है. दोपहर 12 बजे छुट्टी के बाद नौनिहालों को तपती धूप में घर लाना अभिभावकों के लिए बड़ी चुनौती बन गयी है. वहीं, चौक-चौराहों पर काम की तलाश में जुटने वाले मजदूरों को या तो काम नहीं मिल रहा, या चिलचिलाती धूप में मजदूरी करनी पड़ रही है. बाजार और खेती-किसानी पर मार : गर्मी की मार बाजार और खेती-किसानी पर भी पड़ी है. ग्राहकों के नहीं निकलने से दुकानदारों को स्टाफ का खर्च निकालना भारी पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में किसान अपनी सब्जियों की फसल बचाने के लिए रोजाना पटवन (सिंचाई) करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ गयी है. गोपालक भी दुधारू मवेशियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं. लापरवाही पड़ सकती है भारी : सदर अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक, गर्मी बढ़ते ही मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़े हैं. लोग अनावश्यक रूप से धूप में न निकलें. बहुत जरूरी हो, तो भरपूर पानी पीकर, सिर को गमछे या टोपी से ढंककर और सूती कपड़े पहनकर ही बाहर जायें. लू के लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें, क्योंकि लापरवाही जानलेवा हो सकती है.
लोहरदगा में पारा 39 डिग्री पार, लू के खौफ से सड़कों पर पसरा सन्नाटा
लोहरदगा में पारा 39 डिग्री पार, लू के खौफ से सड़कों पर पसरा सन्नाटा
