कुडू से अमित कुमार राज की रिपोर्ट
Brown Sugar Seizure: लोहरदगा पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब पांच लाख रुपये मूल्य की 25 ग्राम स्टोन मार्क ब्राउन शुगर के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों को वाहन जांच अभियान के दौरान कुड़ू थाना क्षेत्र से पकड़ा गया. पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा पकड़े गए आरोपी ब्राउन शुगर की खेप किसे सप्लाई करने जा रहे थे.
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी को गुप्त सूचना मिली थी कि चंदवा थाना क्षेत्र के दो युवक अवैध ब्राउन शुगर लेकर चंदवा से लोहरदगा की ओर आने वाले हैं. सूचना मिलते ही एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया. टीम में कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार, चांपी पिकेट प्रभारी सुजीत होरो, महिला पुलिस अवर निरीक्षक जेनी सुधा तिग्गा समेत अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया. टीम ने चंदवा-लोहरदगा मुख्य मार्ग पर चांपी पुलिस पिकेट के समीप सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया.
पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी
वाहन जांच के दौरान दो युवक मानती पेट्रोल पंप के पास पहुंचे. पुलिस को देखकर दोनों संदिग्ध तरीके से भागने लगे. पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर दोनों को पकड़ लिया. तलाशी लेने पर दोनों के पास से दो अलग-अलग पैकेट में स्टोन मार्क ब्राउन शुगर बरामद हुई. पुलिस ने स्टोन मार्क-ए के नाम से 17 ग्राम तथा स्टोन मार्क-बी के नाम से 8 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की. कुल 25 ग्राम ब्राउन शुगर की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है.
दोनों आरोपी चंदवा के रहने वाले
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदवा थाना क्षेत्र निवासी स्वर्गीय अजय प्रसाद के पुत्र अक्षत कुमार तथा अरुण मिस्त्री के पुत्र रोहित कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में लोहरदगा जेल भेज दिया है.
पूछताछ में मिले कई अहम सुराग
कुड़ू थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. इन्हीं जानकारियों के आधार पर अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ब्राउन शुगर की यह खेप कहां से लाई गई थी, इसके पीछे कौन-सा गिरोह सक्रिय है और लोहरदगा में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. इसके अलावा इस अवैध कारोबार में जुड़े अन्य तस्करों की भी पहचान की जा रही है.
जिले में नशा कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी
एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा ने कहा कि लोहरदगा जिले में किसी भी कीमत पर अवैध ब्राउन शुगर या अन्य मादक पदार्थों का कारोबार नहीं चलने दिया जाएगा. पुलिस लगातार विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी और वाहन जांच अभियान चला रही है. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं नशे के कारोबार की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
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नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला केवल दो युवकों तक सीमित नहीं दिख रहा है. आशंका है कि इसके पीछे एक संगठित सप्लाई नेटवर्क सक्रिय है, जो अलग-अलग जिलों में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता है. जब्त मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जा सकती है. जिले में नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा, ताकि युवाओं को मादक पदार्थों के जाल से बचाया जा सके.
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