कुड़ू CHC में बिजली गुल, जेनरेटर में डीजल नहीं; करीब 2 घंटे अंधेरे में रहे मरीज, मोबाइल की रोशनी में हुआ इलाज

कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल होने से हड़कंप मच गया. जेनरेटर में डीजल न होने के कारण दो घंटे तक पूरा परिसर अंधेरे में रहा, जिससे मरीजों को भारी परेशानी हुई. दो गंभीर मरीजों का मोबाइल की रोशनी में इलाज किया गया.

कुड़ू (लोहरदगा). कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार शाम बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद जेनरेटर नहीं चलने से करीब दो घंटे तक पूरा परिसर अंधेरे में रहा. जेनरेटर में डीजल नहीं होने के कारण प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं और भर्ती जच्चा-बच्चा को परेशानी का सामना करना पड़ा. इस दौरान दो मरीजों का टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में इलाज किया गया.

बताया गया कि शनिवार शाम करीब पांच बजे बिजली गुल होते ही सीएचसी परिसर अंधेरे में डूब गया. उस समय प्रसव कक्ष में तीन गर्भवती महिलाएं और आउटडोर में चार जच्चा-बच्चा भर्ती थे. बिजली नहीं रहने से गर्मी और मच्छरों के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गयी. इसी दौरान दो मरीजों को लेकर ग्रामीण सीएचसी पहुंचे, जिनका मोबाइल की रोशनी में इलाज किया गया.

सूचना के बाद पहुंचे भाजयुमो अध्यक्ष

मामले की सूचना चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी डॉ सुलामी होरो को दी गयी. इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष सरजु कुमार साहू को इसकी जानकारी मिली. वे सीएचसी पहुंचे और मामले का विरोध करते हुए प्रभारी बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप और उपायुक्त संदीप कुमार मीना को फोन पर जानकारी दी. उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी बीडीओ को जल्द समाधान का निर्देश दिया.

इसके बाद सीएचसी का एक कर्मी डीजल लेने गया. रात करीब आठ बजे डीजल लेकर पहुंचने के बाद जेनरेटर में डीजल डाला गया. करीब 8.30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई. इस दौरान भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता भी सीएचसी पहुंचे और मौजूद चिकित्सा पदाधिकारी से मामले की जानकारी ली. गर्मी से राहत के लिए प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिलाओं और जच्चा-बच्चा को अंधेरे में परिसर में टहलते देखा गया.

एक माह पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

करीब एक माह पहले सड़क हादसे में घायल मरीजों का मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में इलाज कराने का मामला सामने आया था. इसके बाद उपायुक्त ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार का निर्देश दिया था. इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले ही कुड़ू सीएचसी को नया जेनरेटर उपलब्ध कराया गया था. इसके बावजूद शनिवार को जेनरेटर नहीं चलने का मामला सामने आया.

टेक्नीशियन ने डीजल खत्म होने की जानकारी नहीं दी : प्रभारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुलामी होरो ने कहा कि विद्युत आपूर्ति ठप होने के बाद जेनरेटर चलाने और बिजली आपूर्ति बहाल रखने की जिम्मेदारी टेक्नीशियन को दी गयी है. टेक्नीशियन ने डीजल खत्म होने की जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा कि डीजल की मांग की जाती, तो दिन में ही जेनरेटर में डीजल भर दिया जाता. मामले की जानकारी मिली है. जांच के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है.

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By Amit kumar raj kuru

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