किस्को, लोहरदगा: लोहरदगा एनएच-143ए बाईपास पर हिरही से अरु तक चल रहे निर्माणाधीन सड़क कार्य में लगे हाइवा और बड़े वाहन चालकों की मनमानी से किस्को-लोहरदगा मुख्य सड़क पर प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है. भारी वाहनों को करीब एक किलोमीटर तक सड़क के बीचोबीच खड़ा कर दिए जाने के कारण हर रोज लंबी कतार लग रही है.
आधी सड़क पर खड़े रहते हैं डस्ट लदे वाहन
सड़क के एक ओर आधी सड़क पर डस्ट लदे बड़े वाहनों को हर वक्त खड़ा कर दिया जाता है. बची हुई आधी सड़क पर भी बड़े वाहनों का आवागमन रहता है. इससे दोपहिया और छोटे वाहनों के साथ पैदल चलने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है.
राहगीरों का कहना है कि बड़े वाहनों के कारण सड़क पर जाम लगने से सड़क पार करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है. साइड लेने के चक्कर में कई वाहन खेतों और सड़क किनारे की मिट्टी में फंस रहे हैं. लोगों का कहना है कि उक्त सड़क जानलेवा हो चुकी है और बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर रही है.
एंबुलेंस समेत कई वाहन जाम में फंस रहे
काम पर निकले लोग, ऑफिस जाने वाले और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस तक को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि निर्माण कंपनी के कई वाहन चालक सड़क किनारे वाहन खड़ा करने के बजाय बीच सड़क पर भी खड़ा कर देते हैं. मिट्टी और डस्ट लोड-अनलोड के दौरान घंटों तक सड़क जाम रहती है.
ग्रामीणों का कहना है कि किसी दिन लोगों का गुस्सा फूटा, तो बड़ी घटना घट सकती है. स्कूली बच्चे, ऑफिस, बैंक और कोर्ट-कचहरी जाने वाले लोग भी रोजाना जाम में फंस रहे हैं. मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो रही है.
प्रशासन और निर्माण कंपनी पर अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और निर्माण कंपनी दोनों आंखें बंद किए हुए हैं. एंबुलेंस फंस रही है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और एनएचएआई से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त की जाए, भारी वाहनों के लिए अलग लेन और समय निर्धारित किया जाए और सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर रोक लगाई जाए.
साथ ही जाम वाले स्थानों पर पुलिस की तैनाती की भी मांग की जा रही है.
