कुड़ू (लोहरदगा). करमा पूर्व संध्या पर रविवार को कुड़ू नावाटोली और टिको स्थित शहीद वीर बुधू भगत के समाधिस्थल पर आदिवासी संगठनों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. नावाटोली में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा थे.
किसानों और आदिवासी समाज के लिए खास है करमा पर्व
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि करमा पर्व किसानों और आदिवासी समाज समेत सभी के लिए बेहतर शुरुआत का संदेश लेकर आता है. किसान करम देव को धान की फसल अर्पित कर बेहतर उत्पादन की कामना करते हैं, जबकि बहनें भाइयों की रक्षा के लिए व्रत रखती हैं. उन्होंने कहा कि करमा पर्व हरियाली और खुशहाली लेकर आता है.
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज धरती का पुजारी है और धरती माता को प्रसन्न करने के लिए प्रकृति की पूजा करता है. करमा पर्व प्रकृति और मानव जीवन के बीच के संबंध को भी दर्शाता है.
पाहन-पुजारियों ने की करम डाली की पूजा
कार्यक्रम की शुरुआत पाहन और पुजारियों द्वारा करम डाली की पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.
मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, जिप सदस्य रीना कुमारी भगत, झामुमो नेत्री नीरू शांति भगत, सोमदेव उरांव, अंबिका कुमारी, सीओ संतोष उरांव, थाना प्रभारी अजीत कुमार, जलेश्वर उरांव, किशोर उरांव, मुन्नी देवी, सुनील उरांव, अर्जुन उरांव, शंकर उरांव, राहुल उरांव, जतरू उरांव, अवधेश उरांव, बिरसा उरांव, बिनोद भगत, बिंदेश लकड़ा समेत अन्य लोग मौजूद थे.
