किस्को, लोहरदगा: कृषि विज्ञान केंद्र, लोहरदगा (बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची) की ओर से दलहन संकुल अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें किस्को, पेशरार और कैरो प्रखंड के 70 चयनित किसानों, विशेषकर महिला किसानों के बीच अरहर की जीटी-109 और उड़द की पीयू-11 किस्म के उन्नत बीज वितरित किये गये.
कम लागत में अधिक मुनाफे की जानकारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरीय वैज्ञानिक डॉ. किरण सिंह ने की. उन्होंने किसानों को बताया कि दलहन की खेती प्रतिकूल मौसम में भी कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली होती है. दलहन फसलें प्रोटीन से भरपूर होने के कारण पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. साथ ही, ये वायुमंडल से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं, जिससे अगली फसल में खाद पर होने वाला खर्च कम होता है.
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कीट एवं रोग प्रबंधन के बताए उपाय
केंद्र के वैज्ञानिक धर्मा उरांव ने किसानों को अरहर में फली छेदक कीट और उड़द में पीला मोजेक रोग से बचाव के लिए समन्वित कीट एवं रोग प्रबंधन की जानकारी दी. उन्होंने बीज उपचार, सही समय पर बुवाई और जैविक कीटनाशकों के उपयोग पर जोर दिया.
किसानों ने पहल की सराहना की
कार्यक्रम में केवीके के कर्मियों के अलावा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे. किसानों ने केंद्र की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्नत बीज और प्रशिक्षण से उन्हें दलहन की बेहतर पैदावार हासिल करने में मदद मिलेगी.
