आधुनिक खेती अपना कर आय दोगुनी करें किसान

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर का कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र रांची एवं कृषि विज्ञान केंद्र लोहरदगा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हुआ

किस्को.भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर का कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र रांची एवं कृषि विज्ञान केंद्र लोहरदगा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण का समापन शनिवार को हुआ.अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों को सर्टिफिकेट एवं कृषि कार्य हेतु किट वितरण किया गया. आरकेवीवाइ परियोजना के प्रधान अन्वेषक प्रमुख वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र रांची के डॉ बाल कृष्ण झा ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को परंपरागत सब्जियों की खेती की जगह उन्नत जल प्रबंधन टपक विधि द्वारा सिंचाई से दुगुनी उपज एवं मुनाफा प्राप्त करें.टपक विधि सिंचाई एवं पलवार द्वारा संरक्षण तकनीक से सालों भर सब्जियों की व्यावसायिक खेती कर सकते हैं.मौके पर सब्जी फसलों में ड्रिप एवं अवस्था आधारित पोषक तत्व एवं जल की मात्रा फर्टिगेशन द्वारा प्रबंधन,मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं सब्जियों में समेकित पोषण तत्व प्रबंधन, छोटे कृषि उपकरणों का महत्व एवं उनका संचालन जीविका पार्जन सुरक्षा हेतु फल सब्जी एवं मशरुम के पर प्रसंस्कृत उत्पादन का उत्पादन ग्रीष्मकालीन सब्जियों एवं फसलों में एकीकृत प्रबंधन तथा उद्यानिक फसलों में नर्सरी प्रबंधन एवं आय अर्जित के स्रोत पर विस्तृत जानकारी दी गयी. केवीके के प्रधान वैज्ञानिक डॉक्टर हेमंत कुमार पांडे ने आय वृद्धि के लिए पशु आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली की जानकारी दी गयी. जिसमें किसानों को प्रायोगिक तौर पर प्राट्रे द्वारा सब्जी बिचड़े उत्पादन का वैज्ञानिक विधि पर जानकारी दी गयी. वैज्ञानिक राकेश रंजन ने सब्जी के पौधशाला तैयार करने की वैज्ञानिक विधि से स्वास्थ्य पौध तैयार करने के गुरु सिखाया गया. जिला उद्यान पदाधिकारी संतोष कुमार ने बेहतर उत्पादन और आय के लिए उद्यानिक फसलों का प्रबंधन एवं राज्य सरकार के विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी. उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से किसानों को काफी लाभ प्राप्त होता है.और किसान अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं.टपक विधि सिंचाई किसान अपने खेतों में लगे और सब्जियों की व्यावसायिक खेती से अपनी आमदनी दोगुनी करें.वही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक सुषमा सरोज सुरीन व 25 किसानों ने भाग लिया.

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Published by: Deepak

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