लोहरदगा : झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू से बुधवार को नयी दिल्ली में सांसद के. सुरेश ने आत्मीय मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच झारखंड कांग्रेस से जुड़े संगठनात्मक विषयों, पार्टी की वर्तमान स्थिति और प्रदेश में संगठन को मजबूत एवं प्रभावी बनाने को लेकर चर्चा हुई.
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
मुलाकात के दौरान झारखंड में कांग्रेस संगठन की गतिविधियों को गति देने, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय बनाने पर विचार-विमर्श किया गया. नेताओं ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की मजबूती उसके संगठन और समर्पित कार्यकर्ताओं से होती है. ऐसे में बूथ स्तर से प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जरूरी है.
दोनों नेताओं ने झारखंड की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आने वाले समय में पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच संवाद बेहतर बनाने तथा उन्हें पार्टी की गतिविधियों से लगातार जोड़कर रखने पर जोर दिया गया.
कार्यकर्ताओं की सक्रियता को बताया पार्टी की ताकत
पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि कांग्रेस की वास्तविक ताकत उसके कार्यकर्ता हैं. कार्यकर्ताओं की मेहनत और सक्रियता से ही पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलती है. उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है. कार्यकर्ताओं की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से सुनकर उनके समाधान की दिशा में पहल की जानी चाहिए.
सांसद के. सुरेश ने भी झारखंड में पार्टी संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर अपने विचार साझा किए. उन्होंने संगठन में आपसी संवाद, सक्रियता और समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सभी स्तरों पर मिलकर काम करने की जरूरत है.
आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा
मुलाकात के दौरान झारखंड में कांग्रेस की आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल, पार्टी के जनाधार को मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने सहित कई विषयों पर चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने भविष्य में भी आपसी समन्वय के साथ पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया.
नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात को झारखंड कांग्रेस के संगठनात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
