लोहरदगा़ जिले के निजी स्कूलों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से ””””पुनः नामांकन शुल्क”””” के नाम पर की जा रही अवैध वसूली को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. उपायुक्त डॉ कुमार ताराचंद के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा है. प्रभात खबर के खुलासे के बाद कार्रवाई : यह कार्रवाई 10 मार्च 2026 को दैनिक समाचार पत्र प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार के संज्ञान में आने के बाद की गयी है. प्रकाशित खबर में निजी विद्यालयों की मनमानी और अवैध वसूली का विस्तृत उल्लेख किया गया था. डीइओ ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में संचालित निजी विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करने का आदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन उपलब्ध करायें ताकि दोषियों के विरुद्ध उपायुक्त के माध्यम से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. अभिभावकों में जगी उम्मीद : शिक्षा विभाग की इस सक्रियता से निजी स्कूलों के संचालकों में हड़कंप मच गया है. वहीं, लंबे समय से आर्थिक बोझ झेल रहे अभिभावकों को उम्मीद जगी है कि अब नामांकन के नाम पर होने वाली इस ””””लूट”””” पर लगाम लग सकेगी. शिक्षा के मंदिर में चल रही दुकानदारी : जिले के कई स्कूलों ने शिक्षा देने के बजाय व्यावसायिक केंद्र खोल रखे हैं. स्कूल परिसर से ही बेल्ट, टाई, जूता-मोजा, यूनिफॉर्म, कोट, स्वेटर, बैच और कॉपी-किताबें बेची जा रही हैं. बाजार से काफी महंगे दामों पर ये सामान खरीदना अभिभावकों की मजबूरी बन गयी है. कई स्कूलों ने विशेष वेंडर तय कर रखे हैं, जिससे अभिभावकों की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है.
निजी स्कूलों की मनमानी पर डीसी सख्त, नामांकन शुल्क की जांच के लिए बनायी टीम
निजी स्कूलों की मनमानी पर डीसी सख्त, नामांकन शुल्क की जांच के लिए बनायी टीम
