लोहरदगा. आदिवासी कर्मचारी समिति, लोहरदगा के तत्वावधान में नगर भवन में करम पूर्व संध्या कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और कड़सा दीप प्रज्वलित कर की गयी. इस दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया गया.
संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण की जरूरत
मुख्य अतिथि उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने की जरूरत है. उन्होंने युवा पीढ़ी से खूब पढ़ने-लिखने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की. साथ ही युवाओं को नशापान से दूर रहने का संदेश दिया.
विशिष्ट अतिथि डीडीसी राज महेश्वरम ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण करता आया है. उन्होंने परंपराओं के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया.
विभिन्न समूहों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इनमें खोड़हा दल, बीएस कॉलेज छात्रावास, वीर बुद्ध लुरकुड़िया, मेरले, हरमू और फूलकुमारी ग्रुप के सदस्य शामिल थे. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली.
मौके पर सुषमा नीलम सोरेन, आइटीडीए लोहरदगा, सेन्हा अंचल अधिकारी, पेशरार प्रखंड विकास पदाधिकारी, लोहरदगा अंचल अधिकारी समेत समिति के सभा सदस्य किशोर उरांव, बिनोद कुमार उरांव, सुधीर उरांव, सुनील मिंज, बिफई उरांव, अंजू कुजूर, रेखा उरांव, प्रीति पल्लवी तिग्गा, बालेश्वर भगत, श्रीवास्तव भगत, जगरनाथ भगत, जगरनाथ भगत समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे.
