लोहरदगा़ लोहरदगा जिला के 43वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर नगर भवन में जिला प्रशासन ने भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकमल मिश्रा, उपायुक्त संदीप कुमार मीना समेत जिला के वरीय पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक नृत्य, लोकगीत एवं रंगारंग प्रस्तुतियों से समां बांध दिया. कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली. इस मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकमल मिश्रा ने कहा कि लोहरदगा आने के बाद उन्हें झारखंड की संस्कृति, प्रतिभा और यहां के लोगों को नजदीक से जानने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका सदैव आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रहती है. जिले की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता इसकी सबसे बड़ी ताकत : उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने जिलेवासियों को 43वें स्थापना दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि लोहरदगा का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है और जिले ने विकास के कई आयाम स्थापित किये हैं. उन्होंने कहा कि जिले की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता इसकी सबसे बड़ी ताकत है. कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया. इस मौके पर जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी, छात्र-छात्राएं एवं काफी संख्या में आमजन उपस्थित थे.
लोहरदगा जिला के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
लोहरदगा जिला के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
