राजनीतिक बदले की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस का धरना

मोदी सरकार द्वारा कांग्रेस नेतृत्व पर की जा रही कथित राजनीतिक प्रताड़ना के विरोध में लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी ने समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय आक्रोशपूर्ण धरना प्रदर्शन किया.

लोहरदगा. मोदी सरकार द्वारा कांग्रेस नेतृत्व पर की जा रही कथित राजनीतिक प्रताड़ना के विरोध में लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी ने समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय आक्रोशपूर्ण धरना प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत ने की. धरना को संबोधित करते हुए श्री भगत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलने पर आमादा है. नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ की गयी कार्रवाई को उन्होंने राजनीति से प्रेरित और संविधान विरोधी करार दिया. उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि विपक्ष की आवाज को दबाने की एक सुनियोजित साजिश है. उन्होंने जोर देते हुए कहा, गांधी परिवार का देश की आज़ादी से लेकर अब तक के राष्ट्र निर्माण में गौरवशाली योगदान रहा है. देश जब भी संकट में पड़ा, गांधी परिवार ने नेतृत्व किया और बलिदान देने से पीछे नहीं हटा. श्री भगत ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार जितना भी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ले, कांग्रेस और राहुल गांधी को न तो डराया जा सकता है और न ही दबाया जा सकता है. धन्यवाद ज्ञापन युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष गुलाम जिलानी ने किया. मौके पर सोनू कुरैशी, सनियारो उरांव, मुजम्मिल अंसारी, जोगिंदर उरांव, संतोषी उरांव, सुशीला देवी, मोनिका उरांव सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे. मोदी सरकार विपक्ष की आवाज़ दबा रही है: नेसार धरना को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद से अपने विरोधियों का दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद से लेकर सड़क तक सरकार की विफलताओं को उजागर किया है, यही कारण है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. नेसार अहमद ने कहा कि जिस प्रकार से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इडी के माध्यम से फंसाने की कोशिश की गयी, उसका जवाब जनता ने विधानसभा चुनाव में दे दिया. धरना में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी धरना प्रदर्शन में जिला परिषद अध्यक्ष रीना कुमारी भगत, साजिद अहमद चंगू, सदरुल अंसारी, नंदकिशोर शुक्ला, प्रकाश उरांव, इमरान आजाद अंसारी, रविंद्र सिंह, दानिश अली, संगीता उरांव, शंभु प्रजापति, लाल विरेंद्र समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया और अपने विचार रखे.

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By DEEPAK

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