लोहरदगा़ नगर परिषद चुनाव का मतदान संपन्न होने के बाद अब प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच हार-जीत की चर्चाओं का बाजार गर्म है. मतदान केंद्रों के गणित को लेकर मंथन का दौर जारी है, लेकिन इस बार के चुनाव में भीतरघात और बदले हुए समीकरणों ने प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी है. धरातल की सच्चाई से अलग दावे : मतदान के बाद समर्थकों द्वारा जीत का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन प्रत्याशी धरातल की सच्चाई को लेकर आशंकित हैं. बैलेट पेपर से हुए मतदान के कारण इस बार रद्द मतों की संख्या अधिक होने की संभावना जतायी जा रही है, जो प्रत्याशियों के लिए चिंता का विषय है. सोशल मीडिया और फोन के जरिये प्रत्याशी लगातार अपने समर्थकों से फीडबैक ले रहे हैं. लेकिन दिल है की मानता नहीं. आंखों से नींद गायब है बेचैनी महसूस हो रही है और उन्हें दिलासा दिया जा रहा है कि आप 100% निकल रहे हैं. लेकिन यह बातें उन्हें धरातल की सच्चाई से अलग नजर आ रही है. अफवाहों और बैठकों का दौर : शहर में अफवाहों का बाजार भी चरम पर है. कहीं धनबल के प्रभाव की चर्चा है, तो कहीं किसी खास इलाके में भय पैदा कर वोट प्रभावित करने की बातें कही जा रही हैं. अपनों द्वारा की गयी कथित ””””गद्दारी”””” ने भी प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा दी है. फिलहाल, अध्यक्ष पद के 10 उम्मीदवार अपनी स्थिति भांप चुके हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. वे पब्लिक ऑपिनियन ले रहे हैं. लोगों को बुलाकर पूछ रहे हैं कि मेरी स्थिति कैसी है? आपसे उम्मीद सच्चाई की है इसलिए आपसे ही पूछ रहा हूं वरना मुझे तो पल-पल की सूचना मिलती रही है. मतगणना तक बैठकों और समीक्षाओं का सिलसिला जारी है, जहां जीत के दावों के साथ-साथ भविष्य की चिंताएं भी जाहिर की जा रही हैं. अब सभी को 27 फरवरी का इंतजार है, जब मतपेटियां खुलेंगी और प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा.
मतदान के बाद प्रत्याशियों की बढ़ी बेचैनी, हार-जीत के समीकरणों पर मंथन शुरू
मतदान के बाद प्रत्याशियों की बढ़ी बेचैनी, हार-जीत के समीकरणों पर मंथन शुरू
