लोहरदगा से संदीप साहू की रिपोर्ट
किस्को(लोहरदगा). आरेया पंचायत के निरहू गांव में सड़क से ऊंचा बनाए गए पुल को तोड़े हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन विभाग ने दोबारा निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है. पुल तोड़ कर छोड़ दिए जाने से अब ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है. स्थिति यह है कि पुल निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बरसात का पानी भर गया है और वह एक बड़े गड्ढे-तालाब में तब्दील हो गया है.
गड्ढे में खेलते हैं बच्चे, डूबने का खतरा
जैसा कि तस्वीर में दिख रहा है, गांव के छोटे-छोटे बच्चे अक्सर आसपास खेलते रहते हैं. ऐसे में डूबने का खतरा बना हुआ है. अभिभावकों के नहीं रहने पर बच्चे गड्ढे में खेलते नजर आते हैं. यह टूटा पुल अब दुर्घटना को खुलेआम आमंत्रित कर रहा है.
खेत और कीचड़ भरे रास्ते से आवागमन
ग्रामीणों का कहना है कि पुल तोड़ कर छोड़ दिए जाने से मुख्य आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. लोग मजबूरी में खेतों और कीचड़ भरे वैकल्पिक रास्तों से आने-जाने को विवश हैं. रात के समय तो खतरा और बढ़ जाता है. सड़क पर चलने वाले लोगों के अंधेरे में सीधे टूटे पुल के गड्ढे में गिरने की संभावना बनी रहती है.
खबर प्रकाशित होने के बाद तोड़ा गया था पुल
गौरतलब है कि ग्रामीणों के विरोध और प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद लघु सिंचाई विभाग ने अनियमितता वाले इस पुल को तोड़ा था. लेकिन तोड़ने के बाद सुध नहीं ली. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग पुल तोड़ कर गायब हो गया है. न तो कोई सुरक्षा घेरा लगाया गया है और न ही चेतावनी बोर्ड. दिन में तो लोग देखकर बच भी जाते हैं, लेकिन रात में यही टूटा पुल बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
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जल्द सुरक्षा व्यवस्था की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द या तो गड्ढे को सुरक्षित किया जाए, बैरिकेडिंग की जाए, या गुणवत्तापूर्ण तरीके से पुल का पुनर्निर्माण शुरू किया जाए, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो.
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