लोहरदगा : पेशरार प्रखंड क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को आज भी शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं हो सका है. लोग कुएं, चुआं एवं झरने का पानी का उपयोग पीने के लिए करते हैं.
इस पहाड़ी क्षेत्र में विभाग द्वारा कहीं-कहीं समतली क्षेत्र में चापानल तो लगा दिये गये हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र में लोगों को पीने के पानी के लिए प्रकृति पर ही निर्भर रहना पड़ता है. पहाड़ी क्षेत्र की महिलाएं कुआं सूखने के बाद झरने का पानी एवं चुआं का पानी पर ही निर्भर रहती हैं. यहां दूर-दूर से पानी की व्यवस्था की जाती है.
इस क्षेत्र की महिलाएं दूर-दराज जाकर बरतनों में पानी ढोकर लाती हैं. इस क्षेत्र में लगाया गया चापानल एक बार खराब होने के बाद विभाग द्वारा नहीं बनाया जाता है. चापाकल बेकार साबित होता है.
