लोहरदगा : जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के दावे तो हर दल के नेता करते हैं, लेकिन लोहरदगा जिला में धरातल पर इसका कभी प्रयास नहीं किया गया. शहरी क्षेत्र में एक मात्र स्टेडियम ललित नारायण स्टेडियम आज बदहाल स्थिति में है.
जिले में प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए एक अदद स्टेडियम की व्यवस्था जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा न किया जाना, प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ अन्याय है. जबकि विभिन्न समारोहों में लोग खेल को प्रोत्साहित करने की बातें करते हैं, लेकिन ये सब सिर्फ समारोहों तक ही सिमट कर रह जाती है.
चारागाह बना स्टेडियम
ललित नारायण स्टेडियम में अभी चारागाह बन गया है. यहां आम रास्ता भी बना दिया गया है. स्टेडियम में पानी भर गया है. इस स्टेडियम का जीर्णोद्धार कराया जा रहा था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही इसका गैलरी एवं शेड हवा के एक झोंके से गिर गया था. इसकी जांच की गयी और दोषी अभियंता पर एफआइआर दर्ज किया गया. उसके बाद से ही स्टेडियम ज्यों कि त्यों की स्थिति में है.
गैलरी है जजर्र
ललित नारायण स्टेडियम में ही 15 अगस्त एवं 26 जनवरी का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. स्टेडियम के शेड एवं गैलरी बिल्कुल ही जजर्र स्थिति में हैं. जो हर पल दुर्घटना को आमंत्रण देता है.
जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय कार्यक्रम के मौके पर गैलरी को कनात से घेर कर काम चलाया जाता है. यदि बीएस कॉलेज की तरह स्टेडियम बन जाता तो राष्ट्रीय समारोह का आयोजन वहां पर किया जा सकता है, लेकिन एक संवेदक से निर्माण कार्य पूरा कराने में खुद को अधिकारी लाचार समझ रहे हैं.
