जेल में बंदियों को दी गयी एड्स से बचाव की जानकारी

लोहरदगा. लोहरदगा मंडल कारा में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में एड्स से बचाव की जानकारी दी गयी. आइएमए के जिला अध्यक्ष डॉ गणेश ने बताया कि बचाव ही एड्स का इलाज है. उन्होंने बताया कि एड्स साथ खाने, साथ रहने से नहीं फैलता. यह एचआईवी संक्रमण बीमारी है. जेल के बंदियों ने […]

लोहरदगा. लोहरदगा मंडल कारा में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में एड्स से बचाव की जानकारी दी गयी. आइएमए के जिला अध्यक्ष डॉ गणेश ने बताया कि बचाव ही एड्स का इलाज है. उन्होंने बताया कि एड्स साथ खाने, साथ रहने से नहीं फैलता. यह एचआईवी संक्रमण बीमारी है. जेल के बंदियों ने डॉ गणेश प्रसाद से पूछा कि दाढ़ी बनाने में बीमारी की संभावना है या नहीं. इसके जवाब में उन्होंने बताया कि ऐसे मामले बहुत कम होते हैं, लेकिन थोड़ी संभावना रहती है.

बंदियों ने उपस्थित पदाधिकारियों को बताया कि जेल में एक ही ब्लेड से दर्जनों बंदियों की दाढ़ी बनायी जाती है. अलग-अलग ब्लेड से दाढ़ी बनवाने की व्यवस्था जेल प्रशासन को करना चाहिए. मौके पर एसीजेएम गुलाम हैदर, जेलर पी सोरेंग सहित बंदी मौजूद थे. सदर अस्पताल में विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया.

एसीजेएम गुलाम हैदर ने कहा कि एड्स छूने से, साथ खाने से, साथ में रहने से नहीं होता है. इसका मूल कारण असुरक्षित यौन संबंध, प्रदूषित सूई लेने, प्रदूषित रक्त चढ़ाने से होने की संभावना रहती है. इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में दवा की व्यवस्था की गयी है एवं मुफ्त जांच, चिकित्सा एवं दवा उपलब्ध करायी जाती है.

पीडि़त व्यक्ति क ा नि:शुल्क प्राथमिक उपचार किया जाता है. कार्य करने में भी एड्स पीडि़त व्यक्ति के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं करना है और न ही उसकी पहचान उजागर करनी है. मौके पर डॉ एमएम सेनगुप्ता, डॉ यू राम, अधिवक्ता गौतम देवघरिया सहित अर्चना प्रसाद, बीके बालानिजप्पा एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >