कोहरे में सिमटा रहा लोहरदगा जिला

लोहरदगा : जिले में शनिवार सुबह घना कोहरा छाये रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. घना कोहरा सुबह लगभग 9:30 बजे तक छाया रहा. जिससे लोगों को अपने घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा. लंबी दूरी की यात्री बसें निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकी. जिससे […]

लोहरदगा : जिले में शनिवार सुबह घना कोहरा छाये रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. घना कोहरा सुबह लगभग 9:30 बजे तक छाया रहा. जिससे लोगों को अपने घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा. लंबी दूरी की यात्री बसें निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकी. जिससे लोगों को अपना काम पूरा करने में व्यवधान हुआ.

स्कूली बच्चों को भी अपने स्कूल पहुंचने में परेशानी हुई. सुबह घना कोहरा और दिनभर धूप नहींं निकलने से जिले का तापमान भी नीचे चला गया. जिले का अधिकतम तामपान शनिवार को 19 डिग्री एवं न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा. ठंड समाप्त होने के बाद पुन: ठंड में बढ़ोतरी से लोग परेशान हैं.
सड़कों पर चलनेवाले वाहनों को सुबह नौ बजे भी लाइट जला कर चलना पड़ा. घना कोहरा छाने से खेतों में लगी सब्जी व अन्य फसल सहित तेलहनी खेती को नुकसान हुआ है. कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि ऐसे मौसम में सब्जी की खेती को तो प्रत्यक्ष रूप से क्षति पहुंचती ही है.
तेलहनी फसलों को भी नुकसान होता है. तेलहनी फसलों में आने वाले बीज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है और दाने काले हो जाते हैं. उन्होंने मौसम को देखते हुए अपने खेतों की सिचाईं करने की बात किसानों से कही. उन्होंने बताया कि खेतों में नमी रहने से कोहरा का असर फसलों पर कम पड़ता है. खेत के सूखा रहने पर इसका असर ज्यादा प्रभावी होता है.
इधर पशु चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में दुधारू गायों को बचाना चाहिए. इस तरह का मौसम दुधारू पशुओं और मवेशियों के लिए अनुकूल नहीं होता है. इस तरह के मौसम में पशुओं में भी कई तरह की बीमारियां होने लगती है. किसानों को अपने पशुओं की उचित देखभाल करनी चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >