भक्ति और शौर्य के समागम से राममय हुआ लोहरदगा, हर्षोल्लास से मना रामनवमी महापर्व

भक्ति और शौर्य के समागम से राममय हुआ लोहरदगा, हर्षोल्लास से मना रामनवमी महापर्व

लोहरदगा़ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव रामनवमी शुक्रवार को लोहरदगा जिले में अभूतपूर्व उत्साह, अटूट श्रद्धा और पूर्ण शांति के साथ संपन्न हो गया. केंद्रीय महावीर मंडल के नेतृत्व में शहर के विभिन्न अखाड़ों से निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे जिले को राममय कर दिया. केसरिया ध्वजों और महावीरी पताकों से पटा शहर भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया. निर्धारित समय पर शुरू हुए जुलूस में बाजा प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें विभिन्न अखाड़ों के वादकों ने अपनी पारंपरिक कला का शानदार प्रदर्शन किया. इस बार की शोभायात्रा में सबसे विशिष्ट दृश्य नारी शक्ति का रहा, जहां हजारों की संख्या में महिलाएं पारंपरिक हथियारों के साथ शौर्य का प्रदर्शन करती नजर आयीं. प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था, चप्पे-चप्पे पर पहरा : त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये थे. शहरी क्षेत्र के प्रत्येक चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा. जुलूस की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष तैनाती की गयी थी. यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहा और विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की गयी थी. जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से वरीय पदाधिकारी पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे थे. ड्रोन से निगहबानी और अतिरिक्त बल की तैनाती : उत्सव में किसी भी प्रकार की खलल न पड़े, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र और शोभायात्रा की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके. प्रशासन की पैनी नजर हर गतिविधि पर बनी रही. शांति समिति की बैठक और फ्लैग मार्च का असर : जिले में सौहार्द बनाये रखने के लिए जिला और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की गयीं थीं. लोगों से आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील का असर जमीन पर दिखा. पुलिस द्वारा किये गये फ्लैग मार्च ने उपद्रवियों को कड़ा संदेश दिया और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा का भरोसा जगाया, जिससे माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा. सेवा शिविरों में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों का स्वागत : शोभायात्रा में शामिल रामभक्तों के स्वागत के लिए जगह-जगह सामाजिक संगठनों द्वारा स्टॉल लगाये गये थे. इसमें पेयजल एवं चना की व्यवस्था की गयी थी. नगर परिषद उपाध्यक्ष द्वारा बड़ा तालाब के समीप लगाये गये विशेष स्टॉल पर एसडीओ अमित कुमार और एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा सहित कई अधिकारियों ने शिरकत की. यहां श्रद्धालुओं के बीच शीतल पेयजल, चना और गुड़ का वितरण कर उनका अभिनंदन किया गया. गाइडलाइन का अनुपालन और भव्य सजावट : पूरा शहर महावीरी झंडों से सजा था, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा. केंद्रीय महावीर मंडल के पदाधिकारी और वॉलिंटियर्स लगातार अखाड़ों के बीच समन्वय बनाकर प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करा रहे थे. हजारों की संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस वर्ष की शोभायात्रा को ऐतिहासिक बना दिया.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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