साल 2014 में शुरू की गयी थी योजना, आवंटित राशि में से लगभग राशि की हो चुकी है निकासी
कोयल नदी सूखी, किस्तों में मिल रहा है पानी, शहरी क्षेत्र में पानी के लिए मचा है हाहाकार
कुड़ू : कुड़ू में आठ करोड़ की लागत से बननेवाली शहरी जलापूर्ति योजना पांच साल बाद भी अधूरी पड़ी है. इससे 41 किमी पाइप लाइन बिछाने व लगभग 2100 घरों में कनेक्शन देने की योजना पर ग्रहण लगा है. सबसे बड़ी बात यह है कि योजना के लिए आवंटित राशि में से लगभग राशि की निकासी हो चुकी है. दक्षिण कोयल नदी सूखने से शहरी क्षेत्र के लोगों को किस्तों में पानी मिल रहा है. नतीजा शहरी क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा है. पीने का पानी की जुगाड़ में शहरी क्षेत्र के लोग भटक रहे हैं.
लगाया गया पाइट फटा, कनेक्शन भी नहीं हो पाया है पूरा: शहरी जलापूर्ति योजना के तहत कुड़ू शहरी जलापूर्ति योजना को मंजूरी दी गयी थी. साल 2014-2015 में स्वीकृत शहरी जलापूर्ति योजना के लिए लगभग आठ करोड़, 50 लाख रुपये आवंटित किया गया था. निविदा के आधार पर काम आदित्य अरव देव कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम मिला था.
योजना के तहत दक्षिण कोयल नदी में इंटेक वेल, दोबा बरटोली के समीप पंप हाउस फिल्टर मशीन, दोबा बरटोली से लगभग छह किमी दूर कुड़ू ब्लॉक मोड़ के समीप बनी जलमीनार तक पाइप लाइन बिछाने, ब्लॉक मोड़ के समीप लगभग पांच लाख गैलन क्षमता की जलमीनार बनाने, शहरी क्षेत्र में लगभग 35 किमी तक पाइप लाइन बिछाते हुए 2100 घरों में कनेक्शन देने, पाइप लाइन बिछाने के लिए तोड़ी गयी पीसीसी सड़क को पीसीसी करने समेत अन्य कार्य शामिल थे. ठेकेदार ने दक्षिण कोयल नदी मे इंटेक वेल समेत पंप हाउस, फिल्टर हाउस व जलमीनार बना दी. पाइप लाइन भी बिछायी गयी, लेकिन कहीं-कहीं पाइप लाइन बिछाने के लिए तोड़ी गयी सड़क को नहीं बनाया गया. 2100 कनेक्शन के बदले लगभग 1400 कनेक्शन देकर छोड़ दिया गया है.
कनेक्शन के समय लगाये गये पाइप फट गये है. कुड़ू शहरी क्षेत्र के आधा दर्जन गांव रामनगर, बाजारटांड़, बटमटोली, जामड़ी, नावाटोली, डोरोटोली, जामुनटोला, हाताटोली, शहरी क्षेत्र, टाटी पंचायत के दोबा, पंडरा पंचायत के माराडीह तक पाइप लाइन बिछायी गयी है. नीचे स्टैंड के बाद से फोर लेन सड़क निर्माण के समय सड़क खोदने से पाइप लाइन उखाड़ दी गयी है. विभाग दोबारा पाइप लगाने में कोई पहल नहीं कर रहा है. वर्तमान में हाल यह है कि शहरी जलापूर्ति योजना में बहुत काम बाकी रह गया है. दक्षिण कोयल नदी सूखने से कुछ क्षेत्रों में दो दिन बाद, तो कुछ क्षेत्रों में पांच दिन बाद, तो कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति ठप है.
