लात पंचायत की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, सर्फ-साबुन से संवर रही तकदीर

लात पंचायत की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, सर्फ-साबुन से संवर रही तकदीर

बरवाडीह़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रखंड की लात पंचायत अंतर्गत खम्भीखास और बारखेता गांव की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. सीमित संसाधनों के बीच सामूहिक प्रयास और कौशल विकास के माध्यम से इन महिलाओं ने आजीविका का नया रास्ता तैयार किया है. जेएसएलपीएस (पलाश) के सहयोग से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), लातेहार द्वारा ज्योति और कृष्णा समूह की महिलाओं को साबुन व सर्फ निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया गया. बाजार में बढ़ रही उत्पादों की मांग : प्रशिक्षण के बाद समूह की करीब 20 महिलाओं ने मिलकर गांव में ही छोटा व्यवसाय शुरू किया. वर्तमान में ये महिलाएं न केवल स्वयं इन उत्पादों का उपयोग कर रही हैं, बल्कि आसपास के गांवों और स्थानीय बाजारों में भी इनकी बिक्री कर रही हैं. इस पहल से समूह की प्रत्येक महिला को हर माह लगभग 12 हजार रुपये तक की आमदनी हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है. परिवार के साथ समाज को भी मिल रहा सहारा : समूह की जूलीता इक्का बताती हैं कि एक वर्ष पूर्व शुरू किये गये इस कार्य से वे अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी जीविका का साधन उपलब्ध करा रही हैं. यह सफलता दर्शाती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही प्रशिक्षण और अवसर मिले, तो वे समाज के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं. गांव की अन्य महिलाएं भी अब इस स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >