महुआडांड़़ प्रखंड के अंतर्गत गनसा गांव में जंगली हाथी के उत्पात से ग्रामीण सहमे हुए हैं. रविवार तड़के एक विशालकाय हाथी ने गांव में घुसकर मुनेश्वर नगेसिया के कच्चे घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. हाथी ने न केवल दीवारें और छत तोड़ी, बल्कि घर में रखा धान और करीब 50 किलो अरवा चावलखा गया. इस दौरान हाथी ने घर के बर्तनों और अन्य कीमती सामानों को भी पैरों तले रौंदकर नष्ट कर दिया. यहां से हाथी बीरबल नगेसिया की बाड़ी में लगे केले की तैयार फसल को उजाड़ दिया. घटना के समय ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाया और मशालों के सहारे हाथी को किसी तरह जंगल की ओर खदेड़ा. ग्रामीणों के अनुसार, यह अकेला हाथी पिछले एक सप्ताह से इलाके में सक्रिय है और हर रात रिहायशी इलाकों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहा है. ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सूचना के बावजूद हाथी को सुरक्षित क्षेत्र से दूर भगाने के प्रयास नहीं किये जा रहे हैं. सुरक्षा के अभाव में ग्रामीण रात-रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. पीड़ित परिवारों को अब तक विभाग की ओर से न तो राहत मिली है और न ही मुआवजे का ठोस आश्वासन. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से हाथी को तत्काल खदेड़ने तथा क्षतिग्रस्त घर व फसल का उचित आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है.
महुआडांड़ में जंगली हाथी ने घर तोड़ा, फसलों को रौंदा
महुआडांड़ में जंगली हाथी ने घर तोड़ा, फसलों को रौंदा
