विवेकानंद के संदेश आज भी युवाओं को प्रेरणा देता है

विवेकानंद के संदेश आज भी युवाओं को प्रेरणा देता है

By SHAILESH AMBASHTHA | January 12, 2026 10:42 PM

चंदवा/ बारियातू़ सोमवार को युवा हृदय सम्राट स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस धूमधाम से मनाया गया. चंदवा में कई स्थान पर श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किये गये. स्थानीय खेल स्टेडियम के समीप स्वामी विवेकानंद चौक पर उनकी प्रतिमा स्थल पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया गया. अजय वैद्य, चंद्रभूषण केसरी, गोपाल जायसवाल, विकास कुमार, सुभाष कुमार, सतीश प्रसाद, विजय कुमार समेत अन्य युवाओं ने स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. इससे पूर्व प्रतिमा व आसपास साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया था. लोगों ने कहा कि कहा कि उनका अमर संदेश उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत आज भी युवाओं को अपने सपनों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है. युवाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान : वक्ताओं ने युवाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए नकारात्मकता से दूर रहकर राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया. एंबिशन कंप्यूटर परिसर में वीकेएस के बैनर तले कार्यक्रम किया गया. स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया. प्रेमशंकर भगत, नरेश प्रसाद गुप्ता, नवल किशोर, नरेंद्र अग्रवाल एवं निर्मल शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद राष्ट्रनिर्माता व विचारक थे. उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मनिर्भर, साहसी व चरित्रवान बनने की प्रेरणा देते है. मौके पर मोहनीश कुमार, रवींद्र प्रसाद, भगवानदास गुप्ता, कृष्णा केसरी, शंभू अग्रवाल, विष्णु कुमार, नीतीश तिवारी, राहुल कुमार, रूपेश कुमार, शिवम कुमार, रूप तारा कुमारी, नैंसी कुमारी, सुजाता कुमारी, खुशबू कुमारी समेत अन्य लोग मौजूद थे. स्वामी जी एक महान संत व युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थे : बारियातू स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भी राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम मनाया गया. मुख्य अतिथि आरएसएस के सह जिला कार्यवाह सतेंद्र प्रसाद, आचार्य शशि कुमार सिंह व लक्ष्मण राम ने संयुक्त रूप से मां शारदे, स्वामी विवेकानंद व भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित कर किया. श्री प्रसाद ने कहा कि स्वामी जी एक महान संत व युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थे. वे युवाओं को राष्ट्र निर्माता चरित्रवान बनने के लिए हमेशा प्रेरित करते थे. उनका कहना था नर सेवा नारायण सेवा अर्थात मानव सेवा ही ईश्वर की सेवा है. कक्षा तृतीय के बहनों ने स्वागत गीत गाया. मंच संचालन वंदना दीदी कर रही थी. लक्ष्मण राम व आचार्य शशि कुमार सिंह धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम में कई भैया व बहनें मौजूद थे.

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