लातेहार: लातेहार के चंदवा प्रखंड के नगर ग्राम स्थित प्रसिद्ध प्राचीन मां उग्रतारा देवी के मंदिर में भाद्रपद माह के आते ही बकरे की बली, प्रथा के अनुसार बंद कर दी गयी है. शनिवार 29 अगस्त से अगले 35 दिनों (तीन अक्तूबर) तक यहां बकरे की बली बंद रहेगी. इस बीच श्रद्धालु की पूजा पूर्व की भांति होती रहेंगी. धार्मिक अनुष्ठान जारी रहेंगे. मंदिर के सेवायत पुजारी सह मुंतजिमकार पंडित गोविंद वल्लभ मिश्र ने बताया कि भाद्रपद माह में मंदिर में बकरे की बली नहीं होती है.
यह परंपरा सदियों से चली आ रही है. इस वर्ष आश्विन माह कृष्ण पक्ष की नवमी (जीउतिया त्योहार के पारण) (चार अक्टूबर) को विशेष अनुष्ठान के साथ बकरे की बलि की परंपरा पुनः शुरू होगी. इसी दिन यहां मां अष्टादश भुजी का कलश स्थापना भी किया जायेगा. 16 दिनी शारदीय पूजा शुरू हो जायेगी.
रविवार को नहीं होती है बलिपंडित श्री मिश्र ने बताया कि विशेष अनुष्ठान को छोड़कर सामान्य दिनों में भी वर्षभर रविवार को मंदिर में बकरे की बलि नहीं होती है. हालांकि, इस वर्ष चार अक्टूबर को नवमी के दिन मां अष्टादश भुजा की कलश स्थापना के साथ विशेष अनुष्ठान होने के कारण रविवार होने के बावजूद बकरे की बलि दी जाएगी. इसके बाद अगले नौ अक्टूबर तक बलि जारी रहेगी.
बताते चले कि यहां 16 दिनी शारदीय पूजा की परंपरा रही है. भाद्रपद माह के प्रवेश से आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी तक बकरे की बलि पूरी तरह बंद रहेगी. नवमी से अमावस्या तक बलि की परंपरा जारी रहेगी. इसके बाद रक्षाबंधन तक पूरे वर्ष रविवार को छोड़कर बकरे की बलि की परंपरा जारी रहती है. सेवायत श्री मिश्र ने तमाम श्रद्धालुओं से अपील की है कि भाद्रपद माह में बलि की परंपरा बंद रहेगी, इसलिये इस अवधि में बलि कार्य को लेकर परेशान ना हो.
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