हेरहंज में दो हाथियों का उत्पात, तीन गांवों में घरों को तोड़ा, अनाज खाये

हेरहंज में दो हाथियों का उत्पात, तीन गांवों में घरों को तोड़ा, अनाज खाये

हेरहंज ़ प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है. झुंड से बिछड़े दो हाथियों ने मंगलवार की रात बिदिर, उद और बुधवार तड़के इचाक गांव में जमकर उत्पात मचाया. हाथियों के इस हमले से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है. मंगलवार रात करीब आठ बजे हाथियों ने बिदिर गांव में कजरू भुइयां के घर की खिड़की तोड़कर एक क्विंटल धान व मक्का खा गये. इसके बाद हाथियों ने उद गांव में गोपाल गंझू के घर को घेरकर दरवाजा तोड़ दिया. चिंघाड़ सुनकर सो रहे परिजनों में अफरा-तफरी मच गयी, लेकिन गोपाल की सूझबूझ से सभी ने भागकर जान बचायी. ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े और मशाल (लुकवारी) के सहारे हाथियों को खदेड़ा. हाथियों ने यहां गेहूं की फसल को भी रौंद डाला. बुधवार सुबह हाथियों ने इचाक गांव में राजेश भुइयां के घर के दो दरवाजे तोड़कर अनाज बर्बाद कर दिया. सूचना पाकर हेरहंज थाना स्थित एसएसबी के जवान शशिरंजन कुमार व रविकांत कुमार ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा और मुआवजे की मांग की है. शनि मंदिर का निर्माण कार्य शुरू, सहयोग की अपील

बरवाडीह. प्रखंड मुख्यालय के बाजार स्थित दुर्गा मंडप परिसर में पंडित राकेश मिश्रा की देखरेख में जनसहयोग से शनि मंदिर के निर्माण कार्य की शुरुआत की गयी. मंदिर निर्माण को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह है. वर्षों से लोगों की मांग थी कि प्रखंड में एक शनि मंदिर का निर्माण किया जाये. जिसे देखते हुए पंचमुखी मंदिर के पुजारी राकेश मिश्रा द्वारा जनसहयोग से शनि मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. लेकिन अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिलने से कुछ दिनों के लिए मंदिर का निर्माण कार्य रोक दिया गया था. लेकिन इस बार पुन: मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया है. पंडित श्री मिश्रा ने श्रद्धालु से न सिर्फ आर्थिक रूप से बल्कि श्रमदान के माध्यम से भी मंदिर निर्माण में योगदान देने की अपील की है. उन्होंने यह भी कहा कि शनि मंदिर का निर्माण जनभावनाओं के अनुरूप किया जा रहा है.

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