बारियातू़ प्रखंड सह अंचल कार्यालय सभागार में शुक्रवार को पेसा कानून को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ झामुमो प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र गंझू, पंचायती राज पदाधिकारी पंकज पांडेय, मास्टर ट्रेनर सरोज गंझू और दीपक कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. शिविर में ग्राम प्रधानों और पंचायत सहायकों को उनके संवैधानिक अधिकारों और ग्रामसभा की शक्ति से अवगत कराया गया. ग्रामसभा के पास हैं व्यापक अधिकार : प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर सरोज गंझू और दीपक कुमार ने प्रखंड के सभी 56 ग्राम प्रधानों, मोबिलाइजरों और पंचायत सहायकों को पेसा कानून-1996 की बारीकियां समझायी. उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत ग्रामसभा को स्थानीय संसाधनों, भूमि अधिग्रहण के मामलों, लघु खनिज प्रबंधन और सामाजिक-आर्थिक विकास की योजनाओं को मंजूरी देने का विशेष अधिकार प्राप्त है. रूढ़िगत स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने और विकास योजनाओं में ग्रामीणों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. नियमित ग्रामसभा के आयोजन की अपील : प्रशिक्षकों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को पेसा कानून के प्रावधानों के प्रति जागरूक करना है ताकि वे ग्रामीण विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें. उन्होंने प्रतिनिधियों से अपने-अपने पंचायतों में नियमित रूप से ग्रामसभा आयोजित करने और आम लोगों को उनके हक व अधिकार बताने की अपील की. इस दौरान ग्राम प्रधानों द्वारा पूछे गये कई तकनीकी सवालों के जवाब भी दिये गये. सक्रिय रही टीम : कार्यक्रम का संचालन प्रखंड कोर्डिनेटर पंकज कुमार पांडेय ने किया. मौके पर सकिंदर राम, गोपाल यादव, धनेश्वर उरांव, कामेश्वर भोक्ता, सीताराम गंझू, रामदेव उरांव, सहदेव साव, चंद्रगुप्त उरांव, गोविंद तुरी, शिवा गंझू सहित काफी संख्या में ग्रामीण और प्रतिनिधि उपस्थित थे.
ग्राम प्रधानों को बताया पेसा कानून का महत्व, ग्रामसभा की शक्तियों पर दी जानकारी
ग्राम प्रधानों को बताया पेसा कानून का महत्व, ग्रामसभा की शक्तियों पर दी जानकारी
