लातेहार ़ नगर पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है और प्रमुख दलों के नेता अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. हालांकि चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, लेकिन भाजपा, झामुमो, राजद, कांग्रेस और आजसू समर्थित प्रत्याशियों के मैदान में होने से मुकाबला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है. भाजपा ने उतारी दिग्गजों की फौज : भाजपा समर्थित उम्मीदवार महेश सिंह के पक्ष में पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद रेखा वर्मा, पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही, चुनाव प्रभारी किसुन दास, विधायक प्रकाश राम और पूर्व अध्यक्ष पंकज सिंह अब तक धुआंधार प्रचार कर चुके हैं. आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों के आने की संभावना है. विपक्ष के बीच बढ़ी रार, बढ़ी बेचैनी : इंडिया गठबंधन में शामिल दलों के बीच यहां खींचतान साफ दिख रही है. कांग्रेस ने जहां झामुमो प्रत्याशी बिलासी तोपनो को समर्थन दिया है, वहीं, राजद ने मिलयानी कुजूर को मैदान में उतारकर झामुमो की टेंशन बढ़ा दी है. राजद के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव खुद कैंपेनिंग की कमान संभाले हुए हैं. इधर, झामुमो की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष बैद्यनाथ राम, जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव और अरुण दूबे मोर्चा संभाले हुए हैं. निर्दलीय और आजसू ने बनाया त्रिकोणीय मुकाबला : मैदान में कुल आठ प्रत्याशी हैं. आजसू समर्थित सेलेस्टीन कुजूर और निर्दलीय प्रत्याशी सह सेवानिवृत्त शिक्षक भगतु नगेसिया की सक्रियता ने समीकरणों को उलझा दिया है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो स्थानीय मुद्दों से ज्यादा दलों की अंदरूनी गुटबाजी और जातीय समीकरण हावी हैं. विकास के दावों के बीच अब मतदाताओं की खामोशी प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा रही है. अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों ने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है.
अध्यक्ष पद पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, पसीना बहा रहे नेता
अध्यक्ष पद पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, पसीना बहा रहे नेता
