कहीं खुशी तो कहीं गम, विकास और महंगाई के बीच तराजू पर तौला गया बजट

कहीं खुशी तो कहीं गम, विकास और महंगाई के बीच तराजू पर तौला गया बजट

लातेहार ़ रविवार काे लोकसभा में वित मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया गया. केंद्रीय बजट पर जिले भर के लोगों ने अपनी-अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है. कई लोगो ने केंद्रीय बजट को दूरदर्शी और आर्थिक विजन वाला बताया है. गृहिणी मंजु सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट से देश को काफी लाभ होगा. प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास की घोषणा से महिलाओं को काफी लाभ होगा. उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह बजट तैयार किया गया है. जिससे महिलाओ को घर चलाने में काफी सहुलियत होगी. उन्होंने कहा कि महिला समितियों को बाजार से जोड़ने का निर्णय काफी सराहनीय है. चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिला उपाध्यक्ष गजेंद्र प्रसाद शौंडिक ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है. यह बजट भारत के भविष्य की स्पष्ट रूप-रेखा पेश करता है. उन्होंने कहा कि व्यवसायियों को इस बजट से काफी लाभ होगा. अतिरिक्त टैक्स का भार व्यवसायियों पर नहीं बढ़ेगा. छात्र पंकज कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट में महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएट लैब्स की स्थापना करने की घोषणा से विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा. उन्होंने कहा कि इस बजट से गांव में रहने वाले विद्यार्थियों को केंद्रीय बजट से सीधे जोड़े जाने का प्रयास किया गया है जो काफी सार्थक पहल है. होटल व्यवसायी विकास कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट से छोटे व्यवसायियों को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि शहर से लेकर गांव में रहने वाले छोटे व्यवसायी पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं बढ़ाया गया है जो सराहनीय है. झारखंड चिह्नित आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय सचिव अली हसन अंसारी ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह बजट अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है. उन्होंने कहा कि बजट में गांव और गरीबों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार सिंह ने कहा कि बजट में केवल आंकड़ों का खेल खेला गया है. जमीनी हकीकत से इसका कोई सीधा जुड़ाव नहीं दिखता है. उन्होंने कहा कि इस बजट में किसानों और मजदूरों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है.

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