लातेहार: सेदुप गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल - लाखों से बना आरोग्य मंदिर बंद, जर्जर सड़क के कारण नहीं पहुंचती एंबुलेंस

लातेहार के सेदुप गांव में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं. लाखों की लागत से बने आरोग्य मंदिर में नियमित स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल रही है. जर्जर सड़कों के कारण एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती.

संजय कुमार की रिपोर्ट

बरवाडीह (लातेहार). प्रखंड के मोरवाई पंचायत अंतर्गत सेदुप गांव के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं. गांव में स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल की समस्या बनी हुई है. करीब तीन वर्ष पहले लाखों रुपये की लागत से बनाया गया आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य सुविधा नहीं दे पा रहा है. ऐसे में इलाज के लिए ग्रामीणों को बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है.

कभी-कभार आते है स्वास्थ्य कर्मी

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में आरोग्य मंदिर का भवन बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन भवन बनने के बावजूद यहां नियमित रूप से स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है. ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल कब खुलेगा, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं रहती. कभी-कभार स्वास्थ्य कर्मी आते है और कुछ समय स्वास्थ्य सेवा देने के बाद चले जाते हैं.

आरोग्य मंदिर का नहीं मिल रहा नियमित लाभ

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर करने के उद्देश्य से प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से एक दर्जन से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण कराया गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई आरोग्य मंदिर भवन बनने के बाद भी नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं. सेदुप गांव का आरोग्य मंदिर भी इसी स्थिति का सामना कर रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोग्य मंदिर नियमित रूप से संचालित हो, तो उन्हें सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए बरवाडीह नहीं जाना पड़ेगा. इससे समय और आने-जाने का खर्च भी बचेगा.

जर्जर सड़क से एंबुलेंस पहुंचने में परेशानी

सेदुप गांव की सड़क भी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है. ग्रामीणों के अनुसार सड़क की स्थिति काफी खराब है. गांव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में परेशानी होती है. कई बार एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. ऐसी स्थिति में परिजनों और ग्रामीणों को मरीज को किसी अन्य वाहन से बरवाडीह ले जाना पड़ता है.

उग्रवाद की समस्या से राहत लेकिन बुनियादी समस्याएं अब भी

ग्रामीण गोपाल पासवान, बजरंगी मांझी, कमलेश पासवान समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले गांव के लोग उग्रवाद की समस्या से प्रभावित थे. वर्तमान में उग्रवाद की समस्या से राहत मिली है, लेकिन स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से सेदुप गांव के आयुष्मान आरोग्य मंदिर को नियमित रूप से संचालित कराने, जर्जर सड़क की मरम्मत कराने और पेयजल की समस्या दूर करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि इन सुविधाओं के मिलने से गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By विकास नाथ

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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