महुआडांड़़ क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए एसडीओ सुलेमान मुंडारी ने रविवार को विभिन्न खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान खाद के स्टॉक, रेट चार्ट, लाइसेंस और पीओएस मशीन की गहन जांच की गयी. एसडीओ ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा. जमाखोरी या तय मूल्य से अधिक पर बिक्री मिलने पर विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दुकान सील की जायेगी और प्राथमिकी दर्ज होगी. निरीक्षण के दौरान किसानों ने शिकायत की कि दुकानें सरकारी निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूल रही हैं. जांच में पाया गया कि दुकानों पर रेट चार्ट तो प्रदर्शित है, लेकिन बिक्री महंगे दामों पर हो रही है. उदाहरण के लिए, यूरिया का सरकारी दाम 266 रुपये प्रति बोरा निर्धारित है, जबकि दुकानों में इसे 350 रुपये तक बेचा जा रहा है. इसी तरह, 1950 रुपये निर्धारित मूल्य वाली एनपीके खाद 2050 रुपये में और 1350 रुपये मूल्य वाली डीएपी खाद 1400 रुपये तक में बेची जा रही है. इस संबंध में दुकानदारों ने सफाई दी कि परिवहन खर्च अधिक होने के कारण उन्हें निर्धारित दर से कुछ अधिक मूल्य पर खाद बेचनी पड़ रही है. इस पर एसडीओ सुलेमान मुंडारी ने दो टूक कहा कि बहानेबाजी नहीं चलेगी और सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही किसानों को खाद उपलब्ध कराना सभी विक्रेताओं की अनिवार्य जिम्मेदारी है.
खाद दुकानों के निरीक्षण में अधिक दाम वसूलने पर एसडीओ नाराज
खाद दुकानों के निरीक्षण में अधिक दाम वसूलने पर एसडीओ नाराज
