लातेहार: लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत राजकीयकृत उर्दू मध्य विद्यालय भवन को ढहाया जायेगा या प्रशासन किसी अन्य विकल्प पर विचार कर रहा है, इस पर अभी तक आधिकारिक रुख साफ नहीं होने से सस्पेंस बरकरार है. व्यवहार न्यायालय लातेहार के आदेश के बाद पोखरीकला में प्रशासनिक हलचल बेहद तेज हो गयी है, लेकिन सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि क्या डिक्री होल्डर को जमीन सौंपने के लिए बच्चों के स्कूल को जमींदोज कर दिया जायेगा. इस गंभीर मोड़ पर विद्यालय प्रबंधन समिति सहित अन्य ग्रामीण लोग पूरी तरह अलर्ट हैं और उनकी नजरें वरीय अधिकारियों सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारियों की हर एक गतिविधि पर टिकी हुई हैं.
अदालत का सख्त रुख, अति आवश्यक श्रेणी
अदालत ने इस आदेश के तामीले को अति आवश्यक श्रेणी में रखा है. नजारत शाखा के नाजीर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों को 19 अगस्त को मौके पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर सहयोग करने का सख्त निर्देश दिया है. अब देखना यह है कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए बच्चों के भविष्य और अदालती आदेश के बीच प्रशासन क्या रास्ता निकालता है. जिस 0.37 ½ एकड़ जमीन को खाली कराया जाना है, उस पर उर्दू मध्य विद्यालय, पोखरी कला का भवन निर्मित है. स्कूल में रोजाना बच्चे पढ़ने आते हैं. जारी नोटिस में जिला शिक्षा अधीक्षक और उर्दू मध्य विद्यालय के मुख्य अध्यापक को भी पक्षकार बनाया गया है
यह है पूरा मामला
व्यवहार न्यायालय लातेहार के आदेश पर एक ऐसी विवादित भूमि पर डिक्री होल्डर को कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिस पर वर्तमान में स्कूल भवन खड़ा है और वहां बच्चों की पढ़ाई चल रही है. न्यायालय के प्रभारी न्यायाधीश (नजारत शाखा) के निर्देशानुसार आगामी 19 अगस्त 2026 को सुबह 10:30 बजे इस दखल-देहानी (कब्जा दिलाने) की बड़ी प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया जायेगा.
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक खालिद अंसारी ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद पूरी मामले की जानकारी वरीय पदाधिकारी को दे दी गयी है. स्थिति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.
