देश की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र सीमा बल की भूमिका अहम : कमांडेंट

देश की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र सीमा बल की भूमिका अहम : कमांडेंट

लातेहार ़ 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) परिसर में वाहिनी का 62वां स्थापना दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह पांच किलोमीटर की दौड़ के साथ हुआ, इसमें बल के जवानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. इसके पश्चात कमांडेंट राजेश सिंह ने वॉलीबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मैच का उद्घाटन किया. यह खिताबी मुकाबला 32वीं वाहिनी एसएसबी और लातेहार वॉलीबॉल एसोसिएशन के बीच खेला गया. खेल के दौरान जवानों का जोश देखते ही बन रहा था. इस मौके पर बल कर्मियों के बीच तम्बोला और रस्सा-कस्सी जैसी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया. कमांडेंट ने बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि वर्ष 1963 में भारत-चीन युद्ध के बाद देश की सीमाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एसएसबी का गठन किया गया था. आज यह बल भारत-नेपाल और भारत-भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात रहकर तस्करी और अन्य सीमा पार अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगा रहा है. उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के अलावा आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियान और आपदा प्रबंधन में भी बल की भूमिका बहुआयामी रही है. कमांडेंट ने विशेष रूप से महिला बलकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन से लेकर खेल और पर्वतारोहण तक, महिलाओं ने राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है. स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में देर शाम ””””बड़ा खाना”””” (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी अधिकारी और जवान एक साथ शामिल हुए.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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