लातेहार: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), लातेहार की ओर से चंदवा प्रखंड में आयोजित 10 दिवसीय मशरूम की खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ. प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 28 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया.
समापन समारोह में आरसेटी के निदेशक संत प्रकाश भगत, बीरेंद्र मांझी, वरिष्ठ संकाय संतोष कुमार एवं नेमचंद नायक ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया. इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया.
स्वरोजगार के लिए युवाओं और महिलाओं को मिल रहा प्रशिक्षण
आरसेटी के निदेशक संत प्रकाश भगत ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी जानकारी के साथ व्यावहारिक कौशल भी दिया जाता है. इससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के आर्थिक विकास में योगदान दे सकते हैं.
वरिष्ठ संकाय संतोष कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी और कौशल का उपयोग कर मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाएं. उन्होंने बैंक ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार शुरू करने की अपील की.
उन्होंने बताया कि आरसेटी की ओर से समय-समय पर ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए विभिन्न स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग कौशल हासिल कर आत्मनिर्भर बन सकें.
समापन समारोह में कई प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे.
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