बनहरदी कोल परियोजना में जमीन सुधार होने तक काम रोकने पर अड़े रैयत
बनहरदी कोल परियोजना में जमीन सुधार होने तक काम रोकने पर अड़े रैयत
चंदवा़ पीवीयूएनएल की बनहरदी कोल परियोजना के प्रभावित रैयतों की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को बारी पंचायत सचिवालय में आयोजित की गयी. ग्राम प्रधान रोबेन उरांव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विस्थापित होने वाले रैयतों ने बारी-बारी से अपनी समस्याएं रखीं. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जमीन से जुड़े अभिलेखों में सुधार नहीं किया जाता, तब तक वे परियोजना के किसी भी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे. हाल सर्वे की गड़बड़ी से बढ़ीं मुश्किलें : बैठक में रैयतों ने कहा कि हाल सर्वे में हुई भारी गड़बड़ी के कारण जमीन के दस्तावेजों में काफी त्रुटियां आ गयी हैं. स्थिति यह है कि कागजात सही नहीं होने के कारण गांवों में आपसी विवाद और मारकाट की स्थिति बनी हुई है. रैयतों ने जिला प्रशासन और अंचल कार्यालय पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि भूमि सुधार से संबंधित सभी जरूरी कागजात करीब एक माह पूर्व ही अंचल कार्यालय में जमा कराये जा चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इसपर रैयतों में भारी आक्रोश देखा गया. काम ठप करने की दी चेतावनी : ग्राम प्रधान रोबेन उरांव ने कहा कि रैयतों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जमीन सुधार का कार्य पूर्ण होने तक परियोजना क्षेत्र में काम बंद रखा जायेगा. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाये ताकि विस्थापितों को उनका सही हक मिल सके. रैयतों के इस कड़े रुख से परियोजना के कार्यों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. बैठक में ये थे मौजूद : बैठक में बेलाल अहमद, नौशाद अंसारी, रमेश उरांव, हाजी हाशिम अहमद अंसारी, अशोक भुइयां, बिनेश्वर उरांव, सुकु उरांव, महेश राम, तेतर मोची, जीते उरांव, नेजाम मियां, धनलाल उरांव, संतोष राम, हाजी समीद, अजय भुइयां, लालसहाय उरांव, सरिता देवी, सबिता देवी, सीता देवी, दयामनी देवी, सुनीता देवी, सुमि देवी, पूनम देवी, चिंतामनी देवी, मनीषा कुमारी, गेंदो देवी, भिखो देवी समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
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