लातेहार नगर पंचायत में अध्यक्ष पद एसटी के लिए आरक्षित, सरगर्मी बढ़ी
लातेहार नगर पंचायत में अध्यक्ष पद एसटी के लिए आरक्षित, सरगर्मी बढ़ी
लातेहार ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकायों के लिए आरक्षण की घोषणा के साथ ही जिले में चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी है. लातेहार नगर पंचायत के अध्यक्ष पद को अनुसूचित जनजाति (एसटी) अन्य के लिए आरक्षित किया गया है. आरक्षण की अधिसूचना जारी होते ही संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछानी शुरू कर दी है. हालांकि, इस चुनाव में ओबीसी आरक्षण शून्य किये जाने को लेकर पिछड़ा समाज के लोगों में राज्य सरकार के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है. सभी दलों की नजर अध्यक्ष की कुर्सी पर : लातेहार जिले में एकमात्र लातेहार नगर पंचायत क्षेत्र आता है. आरक्षण तय होने के बाद अब अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी और चुनावी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चुनाव दलीय आधार पर होगा या नहीं, इसके बावजूद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर इस महत्वपूर्ण सीट पर टिकी है. पिछले चुनाव में भाजपा की सीतामणि तिर्की ने जेवीएम की अलमा पन्ना को हराकर जीत दर्ज की थी, वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी नवीन कुमार सिन्हा विजयी रहे थे. पार्टियों में बढ़ी प्रत्याशियों की भीड़ : इस बार की तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है. अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के बाद विभिन्न दलों में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त तैयार हो गयी है. अंदरखाने सभी दलों ने अपने स्तर से जिताऊ उम्मीदवार की तलाश और चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि, अधिकारिक तौर पर अभी कोई भी दल कुछ कहने से बच रहा है. शहरी क्षेत्र में भाजपा के मजबूत जनाधार को देखते हुए इस दल से टिकट के दावेदारों की संख्या सबसे अधिक है. शुरू हुआ जनसंपर्क का दौर : चुनाव की आहट मिलते ही संभावित प्रत्याशी सक्रिय हो गये हैं. कई दावेदार जिला से लेकर राज्य स्तर के नेताओं के संपर्क में हैं और टिकट के लिए पैरवी शुरू कर दी है. शहर के चौक-चौराहों पर सुबह-शाम प्रत्याशियों की मौजूदगी बढ़ने लगी है. समर्थन जुटाने के लिए चाय की चौपालें सजने लगी हैं, जहां चुनावी रणनीति और जातीय समीकरणों पर चर्चा आम हो गयी है.
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