बरवाडीह: छिपादोहर-हेहेगड़ा रेलवे स्टेशन के संभावित विस्थापन के मामले को राष्ट्रपति कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए इसे याचिका के रूप में स्वीकार किया है. राष्ट्रपति कार्यालय के अवर सचिव लक्ष्मी महर भूषणम ने ग्रामीणों द्वारा भेजे गए पत्र के आलोक में भारत सरकार सचिव ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तथा रेलवे बोर्ड किे अध्यक्ष को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है.
राष्ट्रपति भवन की ओर से संबंधित अधिकारियों को याचिका पर की गई कार्रवाई की सूचना सीधे आवेदक डॉ चंदन कुमार गुप्ता को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से याचिकाकर्ता डॉ चंदन कुमार गुप्ता को भी मामले में आगे की जानकारी के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय तथा रेल मंत्रालय, नई दिल्ली से सीधे संपर्क करने के संबंध में पत्र भेजा गया है. राष्ट्रपति भवन द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में इस मुद्दे के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है.
इसके पूर्व स्थानीय जनहित और ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संभावित रेलवे स्टेशन के विस्थापन के प्रस्ताव का मुद्दा चतरा सांसद कालीचरण सिेह ने संसद में उठाया है. ज्ञात हो कि पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) क्षेत्र से रेलवे लाइन और स्टेशनों को हटाने तथा उनके पुनर्स्थापन से स्थानीय लोगों की आवाजाही और अन्य सुविधाओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार ज्ञापन सौंपा गया था. इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन के माध्यम से भी ग्रामीण अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखा था.
