बेतला नेशनल पार्क से संतोष कुमार की रिपोर्ट
लातेहार. झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध केचकी संगम तट पर भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. उत्तरी कोयल और औरंगा नदी के ऐतिहासिक संगम स्थल पर इस समय चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है. जलस्तर में अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी से वहां बने वन विश्राम गृह (फॉरेस्ट रेस्ट हाउस), नवनिर्मित केचकी इको रिट्रीट के बीच कॉटेज, बीच टेंट और रेस्टोरेंट समेत कई अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गये हैं. इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा के चलते बेतला नेशनल पार्क प्रबंधन की चिंताएं काफी बढ़ गयी हैं.
लंबे वीकेंड पर फिरा पानी, पर्यटकों निराश
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस शनिवार को होने के कारण पर्यटकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा था. शनिवार को राष्ट्रीय अवकाश और अगले दिन रविवार की साप्ताहिक छुट्टी होने की वजह से एक लंबा वीकेंड मिल रहा था. इसी को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने बेतला नेशनल पार्क सहित केचकी संगम पर रात्रि विश्राम करने के लिए काफी पहले से ही एडवांस बुकिंग करा रखी थी. पर्यटक इस ऐतिहासिक और खूबसूरत स्थल पर अपना समय बिताना चाहते थे, लेकिन अचानक आई इस बाढ़ के कारण अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है और उनमें काफी निराशा देखी जा रही है.
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ऐतिहासिक और आधुनिक पर्यटन स्थल को लगा झटका
केचकी विश्रामगृह न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास के लिए भी जाना जाता है. महान फिल्मकार सत्यजीत रे की प्रसिद्ध बंगाली फिल्म ''''अरण्येर दिन रात्रि'''' की शूटिंग इसी वन विश्राम गृह में हुई थी, जिसके कारण इसका ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है. संगम के ठीक किनारे स्थित इस पारंपरिक विश्रामगृह की दो यूनिटों के अंदर से बाईं ओर बहती औरंगा नदी और दाईं ओर बहती उत्तरी कोयल नदी का शानदार नजारा दिखाईं देता है.
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आधुनिक रूप से केचकी इको रिट्रीट को किया गया विकसित
हाल ही में वन विभाग द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसे आधुनिक रूप में ''केचकी इको रिट्रीट'' के तौर पर विकसित किया गया था. इसके तहत ठहरने के लिए 6 बीच कॉटेज और 2 बीच टेंट जैसे बेहतरीन विकल्प तैयार किये गये थे. साथ ही पूरे परिसर में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग (घेराबंदी), आकर्षक लाइटिंग, बैठने के लिए कंक्रीट सीट-आउट, नेचर ट्रेल और खाने-पीने के लिए कैफेटेरिया/रेस्टोरेंट की व्यवस्था की गयी थी. वर्तमान में यह पूरा खूबसूरत परिसर पानी की चपेट में है और प्रबंधन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए है
